AAP विधायक जरनैल सिंह ने दावा किया कि पंजाब में मावां-धीयां योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को सम्मान राशि मिली, जबकि दिल्ली BJP सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया।
पंजाब में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। AAP विधायक जरनैल सिंह ने दावा किया है कि पंजाब में इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को सम्मान राशि भेजी जा चुकी है, जबकि दिल्ली में महिलाओं से किए गए वादे को पूरा करने के बजाय सरकार तरह-तरह की शर्तें और Terms & Conditions लगा रही है। उन्होंने पंजाब और दिल्ली की महिला कल्याण योजनाओं की तुलना करते हुए बीजेपी सरकार पर अपने चुनावी वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया।
जरनैल सिंह ने BJP सरकार पर साधा निशाना
AAP विधायक जरनैल सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को सम्मान राशि भेजने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 68 लाख से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है।
जरनैल सिंह ने इसी बयान के जरिए दिल्ली की बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उनके मुताबिक, दिल्ली में महिलाओं से किए गए आर्थिक सहायता के वादे को पूरा करने के बजाय सरकार उसमें कई तरह की शर्तें जोड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की महिलाओं के साथ किया गया वादा पूरा करने के बजाय सरकार अब उसे जटिल बनाने की कोशिश कर रही है।
पंजाब में महिलाओं के लिए क्या है योजना?
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये देने की व्यवस्था बताई गई है।
पंजाब सरकार ने इस योजना को महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। अप्रैल 2026 में योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई थी और जुलाई से लाभार्थियों को राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
लाखों महिलाओं के खातों में पहुंची राशि
योजना के तहत जुलाई में पंजाब सरकार ने करीब 33 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 1,147 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, पात्र महिलाओं को राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई। वहीं, योजना के लिए पंजीकृत महिलाओं की संख्या 66 लाख से अधिक बताई गई थी।
यही वजह है कि AAP नेता पंजाब की योजना को दिल्ली में महिलाओं से किए गए वादों के संदर्भ में उदाहरण के तौर पर पेश कर रहे हैं। जरनैल सिंह का कहना है कि पंजाब में योजना को लागू कर महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है, जबकि दिल्ली में इसी तरह के वादे को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
दिल्ली में महिला सम्मान राशि को लेकर सियासी घमासान
दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। AAP ने इस मुद्दे को अपनी राजनीति में प्रमुखता से उठाया है। अब जरनैल सिंह के ताजा बयान के बाद एक बार फिर पंजाब मॉडल बनाम दिल्ली सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।
AAP विधायक ने आरोप लगाया कि दिल्ली की बीजेपी सरकार महिलाओं से किए गए वादे को सीधे लागू करने के बजाय उसमें कई प्रकार की शर्तें जोड़ रही है। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ किए गए वादे से पीछे हटने के तौर पर पेश किया।
हालांकि, जरनैल सिंह के आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर देखे जाने चाहिए। दिल्ली सरकार की ओर से इस आरोप पर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी इस राजनीतिक विवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
पंजाब मॉडल को दिल्ली में मुद्दा बना रही AAP
AAP लगातार पंजाब में लागू की जा रही योजनाओं को अपनी सरकार के कामकाज के उदाहरण के रूप में पेश करती रही है। महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने वाली मावां धीयां सत्कार योजना भी पार्टी के प्रमुख सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में शामिल है।
योजना को लेकर पंजाब सरकार ने दावा किया है कि इससे राज्य की बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता मिलेगी। मार्च में योजना की घोषणा के दौरान सरकार ने कहा था कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आ सकती हैं।
2027 चुनाव से पहले महिला वोटरों पर फोकस
पंजाब में मावां-धीयां सरकार योजना के तहत 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को सम्मान राशि भेजी जा चुकी है।
जबकि दिल्ली की BJP सरकार दिल्ली की महिलाओं से किया वादा पूरा करने के बजाय वादा खिलाफी कर रही है और तरह-तरह के Terms & Conditions लगा रही है।
—@JarnailSinghAAP, MLA, AAP pic.twitter.com/7Vq5neaC78
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 10, 2026
पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की यह योजना राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। AAP इसे अपने 2022 के चुनावी वादे को पूरा करने के तौर पर पेश कर रही है। वहीं विपक्षी दल योजना की आर्थिक व्यवहार्यता और सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठा सकते हैं।
दिल्ली में भी महिला मतदाताओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जरनैल सिंह का बयान केवल पंजाब सरकार की योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दिल्ली की राजनीति में महिला कल्याण और चुनावी वादों के मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है।
AAP ने उठाया वादे बनाम शर्तों का मुद्दा
जरनैल सिंह के बयान का मुख्य संदेश यही है कि पंजाब में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि दिल्ली में बीजेपी सरकार पर वादा पूरा करने के बजाय शर्तें लगाने का आरोप लगाया जा रहा है।
अब इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आने वाले दिनों में महिला सम्मान राशि, पात्रता और योजना की शर्तों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। पंजाब में योजना के वास्तविक लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की प्रगति भी इस बहस का अहम आधार बनेगी।