लवलीना बोरगोहेन की देशभक्ति पर PM मोदी हुए मुरीद, ग्लासगो में भारत के गलत नक्शे पर जताई थी आपत्ति; बॉक्सिंग में रचा इतिहास

लवलीना बोरगोहेन की देशभक्ति पर PM मोदी हुए मुरीद, ग्लासगो में भारत के गलत नक्शे पर जताई थी आपत्ति; बॉक्सिंग में रचा इतिहास

 

PM मोदी ने लवलीना बोरगोहेन की तारीफ की, जिन्होंने ग्लासगो में भारत का गलत नक्शा देख आपत्ति जताई थी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में 7 गोल्ड समेत 10 पदक जीते।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर तारीफ की। ग्लासगो में आयोजित खेलों के दौरान एक रेस्टोरेंट में भारत का विकृत नक्शा प्रदर्शित किए जाने पर लवलीना ने आपत्ति जताई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना का जिक्र करते हुए उनकी देश के प्रति भावना और सजगता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि खिलाड़ियों के मन में देश के प्रति गर्व केवल पदक जीतने के समय नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और सोच में भी गहराई से मौजूद रहता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों के साथ बातचीत में उन्होंने लवलीना से ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में हुई घटना के बारे में पूछा। इस बातचीत का वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने अपने यूट्यूब हैंडल पर भी साझा किया।

रेस्टोरेंट में भारत का विकृत नक्शा देखकर लवलीना ने जताई आपत्ति

कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत का नक्शा गलत तरीके से प्रदर्शित किया गया था। लवलीना की नजर जब इस पर पड़ी तो उन्होंने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के सामने इस मुद्दे को उठाया और नक्शे को सही करने की मांग की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान हल्के अंदाज में लवलीना से पूछा कि आखिर रेस्टोरेंट के लोगों के साथ क्या हुआ था और क्या वह उनसे बहस करने लगी थीं। इसके जवाब में लवलीना ने बताया कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। कई भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते थे और रेस्टोरेंट में भी बड़ी संख्या में भारतीय मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने भारत के गलत नक्शे को देखा और उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगी।

लवलीना ने बताया कि उन्होंने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से मजबूती से अपनी बात रखी और नक्शे में सुधार करने का अनुरोध किया। कर्मचारियों ने उनकी बात मान ली और बाद में स्थिति को बदल दिया गया।

PM मोदी ने कहा- देशभक्ति केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं

लवलीना की इस पहल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए देशभक्ति सिर्फ उस समय दिखाई देने वाली भावना नहीं है, जब वे पदक जीतकर मंच पर खड़े होते हैं। यह भावना उनके भीतर गहराई से मौजूद रहती है और सामान्य परिस्थितियों में भी सामने आती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस समय खेल समाप्त हो चुके थे, जीत की खुशी का माहौल था, खिलाड़ी आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे और चारों तरफ उत्साह था, उस समय भी लवलीना ने भारत के नक्शे पर ध्यान दिया। प्रधानमंत्री ने इसे असाधारण भावना बताते हुए कहा कि यह घटना लंबे समय तक लोगों को याद रहेगी।

उन्होंने लवलीना के इस कदम को देश के प्रति गहरे जुड़ाव का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री की इस तारीफ के बाद यह घटना कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के शानदार खेल प्रदर्शन के साथ-साथ खिलाड़ियों की राष्ट्रीय भावना के रूप में भी चर्चा में आई।

बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत ने बॉक्सिंग में कुल 10 पदक जीते, जिसमें सात स्वर्ण और तीन रजत पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत बॉक्सिंग में पदक तालिका में शीर्ष पर रहा।

भारत का यह कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन रहा। इससे पहले भारत के नाम एक संस्करण में छह स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड था। अब सात स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजों ने नया रिकॉर्ड कायम किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय बॉक्सरों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि अब दुनिया भर के खिलाड़ी भारतीय मुक्केबाजों से डरने लगे हैं। इस पर लवलीना ने भी माना कि लगातार भारतीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन से प्रतिद्वंद्वी टीमों पर दबाव बना है।

लगातार गोल्ड जीतने से बढ़ा भारतीय बॉक्सरों का दबदबा

लवलीना ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान बताया कि भारतीय मुक्केबाजों ने प्रतियोगिता में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। एक के बाद एक स्वर्ण पदक आने से टीम का आत्मविश्वास बढ़ता गया और प्रतियोगिता के अंत में भारतीय बॉक्सिंग टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मिल रहा समर्थन और लगातार बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना भी प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लवलीना के मुताबिक, भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन से देश में इस खेल को लेकर उत्साह और उम्मीद दोनों बढ़ी हैं।

Khelo India से युवा खिलाड़ियों को मिल रहा फायदा

लवलीना ने भारतीय खेलों में Khelo India योजना के योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के कई युवा खिलाड़ी Khelo India के माध्यम से सामने आए हैं और इस योजना से अलग-अलग खेलों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

Khelo India के जरिए जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान, उन्हें प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का अवसर देने पर जोर दिया गया है। लवलीना के मुताबिक, इस पहल से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और बड़े मंच तक पहुंचने में मदद मिल रही है।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार अभियान

भारत ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का अभियान कुल 39 पदकों के साथ समाप्त किया। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत कुल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

ग्लासगो में 11 दिनों तक चले खेलों का समापन होने के बाद स्कॉटलैंड ने औपचारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और सेरेमोनियल बैटन भारत को सौंप दिया। अब 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत करेगा।

2030 में अहमदाबाद में होगा अगला बड़ा आयोजन

भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स के ऐतिहासिक संस्करण की मेजबानी करने वाला है। अहमदाबाद में होने वाले इस आयोजन को भारत के खेल इतिहास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और बॉक्सिंग में रिकॉर्ड उपलब्धि के बाद अब देश की नजर 2030 में होने वाले घरेलू कॉमनवेल्थ गेम्स पर भी रहेगी।

लवलीना बोरगोहेन की भारत के नक्शे को लेकर दिखाई गई सजगता और भारतीय बॉक्सिंग टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि ने ग्लासगो गेम्स में भारत के अभियान को एक खास पहचान दी है। एक तरफ खिलाड़ियों ने रिंग में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया, तो दूसरी तरफ लवलीना की पहल ने यह संदेश दिया कि खिलाड़ियों के लिए देश के प्रति सम्मान और गर्व खेल के मैदान से बाहर भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

 

 

 

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