मावां धीयां सत्कार योजना’ की ऐतिहासिक सफलता: मात्र 10 दिनों में लाभार्थियों का आंकड़ा 36 लाख से बढ़कर 64 लाख के पार, मान सरकार की बड़ी उपलब्धि

मावां धीयां सत्कार योजना' की ऐतिहासिक सफलता: मात्र 10 दिनों में लाभार्थियों का आंकड़ा 36 लाख से बढ़कर 64 लाख के पार, मान सरकार की बड़ी उपलब्धि

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्लैगशिप ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ (Maavan Dhiyan Satkar Yojana) को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह। पंजाब में रिकॉर्ड पंजीकरण के साथ 10 दिन में लाभार्थियों की संख्या 64 लाख के पार पहुँच गई है।

पंजाब की मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक गरिमा को मजबूत करने के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ (Mukh Mantri Maavan Dheeyan Satkar Yojna) राज्य में हर दिन सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पंजाब के कोने-कोने से आ रहे आवेदनों और महिलाओं के जबरदस्त उत्साह के चलते इस योजना ने एक अभूतपूर्व डिजिटल और प्रशासनिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है।

धरातल पर तेज गति से जारी पंजीकरण प्रक्रियाओं का नतीजा है कि महज 10 दिनों के भीतर लाभार्थियों की संख्या 36 लाख से बढ़कर सीधे 64 लाख के पार पहुँच गई है।

महिलाओं के अटूट विश्वास का प्रतीक बना रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

‘मावां धीयां सत्कार योजना’ (Maa-Beti Samman Scheme) को मिल रहा यह ऐतिहासिक रिस्पॉन्स इस बात का सीधा प्रमाण है कि पंजाब की नारी शक्ति का मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर कितना गहरा और अटूट विश्वास है। बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के, सीधे और पारदर्शी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने की मान सरकार की प्रतिबद्धता आज रंग ला रही है।

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखा गया है, जिसके चलते राज्य की अधिक से अधिक पात्र महिलाएं पूरी सहजता के साथ आगे आकर इस योजना का लाभ उठाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रही हैं।

हर महीने महिलाओं के खाते में आ रही है ‘सत्कार राशि’

आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपनी सबसे बड़ी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए 1 जुलाई 2026 से ही इस योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer – DBT) करनी शुरू कर दी थी:

  • सामान्य श्रेणी की महिलाएं: योजना के तहत सामान्य वर्ग की प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
  • अनुसूचित जाति (SC) की महिलाएं: विशेष रूप से सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की बढ़ी हुई राशि प्रदान की जा रही है।
  • पेंशनधारकों के लिए भी मौका: जो बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, वे भी इस अतिरिक्त सत्कार राशि को पाने के लिए पूरी तरह पात्र रखी गई हैं।

26 हजार रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर चल रहा है मिशन मोड में काम

राज्य सरकार ने महिलाओं की सुविधा के लिए पंजाब भर में 26,000 से अधिक विशेष पंजीकरण केंद्र और सेवा केंद्र स्थापित किए हैं, जहाँ अंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और ‘महिला सत्कार सखियों’ की मदद से पंजीकरण का काम युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट विजन है कि पंजाब की हर एक माँ और बेटी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बने ताकि उन्हें अपने छोटे-मोटे या व्यक्तिगत खर्चों के लिए किसी अन्य पर निर्भर न रहना पड़े। सरकार का लक्ष्य राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को इस कल्याणकारी योजना के दायरे में लाना है, जिसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की जा चुकी है।

 

 

 

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