पंजाब में मतदाता सूची पुनरीक्षण और सत्यापन के तहत ‘SIR’ फॉर्म भरने की प्रक्रिया जारी है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अपना फॉर्म भरकर जनता से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए इसे भरने का आह्वान किया है।
पंजाब में मतदाता सूचियों के सही सत्यापन और फर्जी मतदान को रोकने के लिए राज्य सरकार और चुनाव प्रशासन द्वारा चलाई जा रही ‘SIR’ (State/Summary Information & Revision / Enumeration Form) प्रक्रिया पूरी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला में बीएलओ (BLO) कार्यालय पहुंचकर अपना ‘SIR’ फॉर्म खुद भरा।
अपना फॉर्म भरने के बाद उन्होंने राज्य के अन्य नागरिकों को भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस फॉर्म को अनिवार्य रूप से भरने का आह्वान किया।
पटियाला ग्रामीण में 80% मैपिंग का काम मुकम्मल
ਸਾਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸੀ ਜ਼ਰੂਰ ਭਰਨ SIR ਦੇ ਫਾਰਮ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @AAPbalbir ਨੇ ਆਪਣਾ SIR ਦਾ ਫਾਰਮ ਭਰਕੇ ਹੋਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਹ ਫਾਰਮ ਭਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ। ਆਪਣੇ ਲੋਕਤੰਤਰਿਕ ਹੱਕਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ SIR ਦਾ ਫਾਰਮ ਜ਼ਰੂਰ ਭਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ। pic.twitter.com/K57e6qQDNb
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 11, 2026
समीक्षा के दौरान यह सामने आया है कि प्रशासनिक स्तर पर इस अभियान को लेकर बेहतरीन काम हो रहा है। अकेले पटियाला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र में अब तक लगभग 80 प्रतिशत मैपिंग और सत्यापन का कार्य सफलतापूर्वक मुकम्मल किया चुका है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकारियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जा रहा है।
लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने के लिए ‘SIR’ फॉर्म क्यों है जरूरी?
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘SIR’ फॉर्म केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के सबसे बड़े लोकतांत्रिक हक—यानी ‘वोट के अधिकार’ की सुरक्षा की गारंटी है। उन्होंने कहा:
“अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखने और सही जनप्रतिनिधि चुनने की ताकत को मजबूत बनाए रखने के लिए हर पंजाब वासी को अपना ‘SIR’ फॉर्म जरूर भरना चाहिए। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि आपका नाम मतदाता सूची में पूरी तरह सुरक्षित रहे।”
“असली वोट कटे ना, नकली वोट बने ना” – सरकार का सख्त रुख
इस पूरी कवायद पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। राज्य सरकार का विजन पूरी तरह साफ है कि किसी भी वैध नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटना नहीं चाहिए, और न ही किसी फर्जी व्यक्ति का नाम इसमें शामिल होना चाहिए।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और हर वर्ग की सही भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी बीएलओ कार्यालय या ऑनलाइन माध्यम से इस फॉर्म को समय रहते जरूर पूरा कर लें।