वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में GST राजस्व ₹7833.45 करोड़ तक पहुंच गया है। जानें कैसे मान सरकार ने आर्थिक स्थिति को सुधारा।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के आर्थिक प्रबंधन में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार द्वारा अपनाए गए पारदर्शी आर्थिक मॉडल के परिणामस्वरूप, पंजाब ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में GST (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह में रिकॉर्ड 24.45% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।
आंकड़ों में शानदार उछाल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पिछली बार की समान अवधि (पहली तिमाही) में राज्य ने ₹6294.57 करोड़ का राजस्व एकत्र किया था। इस वर्ष कड़ी मेहनत और बेहतर कर प्रशासन के चलते यह आंकड़ा बढ़कर ₹7833.45 करोड़ तक पहुंच गया है।
“आर्थिक नीतियों का मिल रहा है लाभ”
👉🏻 ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀ ਆਰਥਿਕ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਸਦਕਾ ਮਿਲ ਰਹੇ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਨਤੀਜੇ!
👉🏻 ਸਾਲ 2026-27 ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਤਿਮਾਹੀ ‘ਚ GST ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਵਿੱਚ ਦਰਜ ਹੋਇਆ 24.45% ਵਾਧਾ
👉🏻 ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਇਸੇ ਮਿਆਦ ‘ਚ ₹6294.57 ਕਰੋੜ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਇਸ ਸਾਲ ਜੁਟਾਏ ₹7833.45 ਕਰੋੜ pic.twitter.com/JCrgfqtJ1d— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 2, 2026
हरपाल सिंह चीमा ने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और कर प्रशासन में किए गए सुधारों को दिया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के कुशल मार्गदर्शन में, हमने सिस्टम में पारदर्शिता लाई है और कर चोरी के रास्तों को प्रभावी ढंग से बंद किया है। आज इसी का नतीजा है कि राज्य का खजाना पहले से अधिक मजबूत हो रहा है और हम जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन जुटा पा रहे हैं।”
विकास की दिशा में उठाए गए कदम:
- पारदर्शी शासन: आर्थिक मामलों में पूरी पारदर्शिता बरतने से करदाताओं का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है।
- तकनीकी निगरानी: कर चोरी रोकने के लिए डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टैक्स प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।
- विकास कार्यों को गति: बढ़े हुए राजस्व का सीधा लाभ राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास और आम जनता के लिए चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को मिल रहा है।
वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब की अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे राज्य वित्तीय आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर होगा।