अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद में कथित घोटाले पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरा। पूछा, ट्रस्टी पर कार्रवाई क्यों नहीं?
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई जमीन खरीद में कथित भारी भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि जिन लोगों को प्रधानमंत्री ने खुद ट्रस्ट में नियुक्त किया, उनके कार्यकाल में हुए इस घोटाले के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
“2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में कैसे?”
अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री ने खुद किया और उसमें अपने सबसे भरोसेमंद लोगों को नियुक्त किया। इसके बावजूद, 2 करोड़ रुपये की जमीन महज 10 मिनट के भीतर 18 करोड़ रुपये में कैसे बिक गई? 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ और 14 करोड़ की जमीन 95 करोड़ में खरीदी गई। क्या प्रधानमंत्री को इस बड़े घोटाले की जानकारी नहीं थी?”
“दोषियों को बचाने का प्रयास”
ਚੜ੍ਹਾਵੇ ਦੀ ਚੋਰੀ ਤਾਂ ਹੋ ਹੀ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਸਵਾਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਕੀ ਮੋਦੀ ਜੀ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਦਿਵਾ ਸਕਣਗੇ?
ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਮੋਦੀ ਜੀ ਨੇ ਖ਼ੁਦ ਰਾਮ ਮੰਦਰ ਦਾ ਟ੍ਰਸਟ ਬਣਾਇਆ ਤੇ ਇਸ ‘ਚ ਆਪਣੇ ਖ਼ਾਸ ਬੰਦੇ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਚੰਪਤ ਰਾਇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਹੈ। ਖ਼ੁਦ ਟ੍ਰਸਟ ਬਣਾਇਆ, ਖ਼ਾਸ ਬੰਦਿਆਂ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ 2 ਕਰੋੜ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ… pic.twitter.com/7760QjtBzH
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 2, 2026
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में चंपत राय जैसे लोग शामिल हैं, जो प्रधानमंत्री के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी इन दोषियों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि प्रधानमंत्री चाहें, तो वे एक झटके में इन दोषियों को जेल भेज सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे।”
“करोड़ों भक्तों की आस्था का सवाल”
केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है और इसमें हुआ घोटाला न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी है, बल्कि भगवान राम के भक्तों के साथ धोखा भी है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और उन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए जिन्होंने ट्रस्ट के पदों का दुरुपयोग कर मुनाफाखोरी की है।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि वे इस मुद्दे को देश की जनता के सामने ले जाएंगे और भाजपा सरकार के इस ‘भ्रष्टाचार’ को बेनकाब करेंगे।