पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहली बार बस सुविधा, भगवंत मान बोले- 20 हजार बच्चों को फायदा, 15 हजार बेटियां शामिल

पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहली बार बस सुविधा, भगवंत मान बोले- 20 हजार बच्चों को फायदा, 15 हजार बेटियां शामिल

 

पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहली बार बस सुविधा शुरू की गई है। CM भगवंत मान के मुताबिक करीब 20 हजार बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है, जिनमें 15 हजार छात्राएं शामिल हैं।

पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि दूर-दराज के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उन अभिभावकों की चिंता को कम करना है, जो अपने बच्चों को घर से दूर स्थित स्कूलों में भेजते समय उनकी सुरक्षा को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहली बार इस तरह की बस सुविधा शुरू की गई है। वर्तमान में करीब 20 हजार बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। इनमें लगभग 15 हजार छात्राएं शामिल हैं। सरकार इसे विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा और उनकी सुरक्षित आवाजाही से जोड़कर देख रही है।

‘अभिभावकों के मन में रहती थी सुरक्षा की चिंता’

भगवंत मान ने कहा कि कई परिवारों के सामने यह समस्या रहती थी कि उनका बच्चा जिस सरकारी स्कूल में पढ़ता है, वह घर से काफी दूर है। ऐसे में माता-पिता को रोजाना बच्चों के आने-जाने और उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी। खासकर बेटियों को दूर के स्कूल भेजने को लेकर परिवारों में अतिरिक्त चिंता देखी जाती थी।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों में बस सुविधा शुरू करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि सुरक्षित परिवहन मिलने से बच्चों की स्कूल तक पहुंच आसान होगी और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

20 हजार बच्चों को मिल रहा फायदा

मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक, इस बस सुविधा का लाभ फिलहाल लगभग 20,000 बच्चों को मिल रहा है। इनमें करीब 15,000 छात्राएं हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि इस सुविधा से बड़ी संख्या में बेटियों को फायदा पहुंच रहा है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की समस्या किसी बच्चे की शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने। कई ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूलों की दूरी के कारण विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बस सुविधा ऐसे छात्रों के लिए व्यावहारिक मदद साबित हो सकती है।

बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर

इस योजना में छात्राओं की बड़ी संख्या में भागीदारी को सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देख रही है। सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होने से उन परिवारों का भरोसा बढ़ सकता है, जो अपनी बेटियों को दूर स्थित स्कूलों में भेजने को लेकर चिंतित रहते हैं।

पंजाब सरकार पहले भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए विभिन्न योजनाओं पर जोर देने की बात करती रही है। बस सुविधा को इसी दिशा में एक और पहल के रूप में पेश किया जा रहा है।

सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर फोकस

भगवंत मान सरकार का कहना है कि सरकारी स्कूलों को केवल बेहतर शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसा माहौल भी मिलना चाहिए जहां वे सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच सकें। परिवहन सुविधा इसी व्यापक सोच का हिस्सा है।

सरकार के अनुसार, जिन बच्चों को घर से दूर स्कूल जाना पड़ता है, उनके लिए बस सुविधा समय और यात्रा से जुड़ी परेशानियों को कम कर सकती है। इससे छात्रों की स्कूल में नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को खास फायदा

पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां आसपास के गांवों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। कुछ बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता के कारण परिवारों को अपने स्तर पर बच्चों की आवाजाही की व्यवस्था करनी पड़ती है।

ऐसे में सरकारी बस सुविधा शुरू होने से इन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर उन छात्राओं के लिए यह पहल महत्वपूर्ण हो सकती है, जिनके माता-पिता सुरक्षा कारणों से उन्हें दूर के स्कूल भेजने को लेकर चिंतित रहते हैं।

शिक्षा के साथ सुरक्षित परिवहन पर जोर

मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान के अनुसार, पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी ध्यान दे रही है। सरकारी स्कूलों में बस सुविधा शुरू करना इसी प्रयास का हिस्सा है।

फिलहाल करीब 20 हजार बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है और इनमें 15 हजार बेटियां शामिल हैं। यदि इस सुविधा का विस्तार आगे अन्य सरकारी स्कूलों तक किया जाता है, तो इससे पंजाब के और अधिक विद्यार्थियों को फायदा मिल सकता है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यही है कि दूरी या परिवहन की कमी किसी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने और अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल में स्कूल भेज सकें।

 

 

 

Related posts

सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध, करीब दर्जन मांगें मानीं: नायब सिंह सैनी

वन मित्रों की बकाया राशि 15 सितंबर तक होगी जारी, राव नरबीर सिंह ने दिए सख्त निर्देश

लाडवा में नायब सिंह सैनी ने देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की 22वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, ऑडिटोरियम का उद्घाटन

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More