हरियाणा में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक ‘रिफॉर्म फेस्टिवल’ आयोजित होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने नागरिकों के सुझावों की जांच, प्राथमिकता और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अब प्रदेश के नागरिकों की राय और सुझावों को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रशासनिक सुधार की प्रक्रिया को सीधे जनता से जोड़ने के लिए राज्य सरकार की ओर से ‘रिफॉर्म फेस्टिवल’ आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य नागरिकों से प्राप्त उपयोगी सुझावों को केवल दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका गंभीरता से मूल्यांकन कर उन्हें व्यवहारिक प्रशासनिक सुधारों में बदलना है।
अक्टूबर से दिसंबर तक आयोजित होगा ‘रिफॉर्म फेस्टिवल’
हरियाणा सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले ‘रिफॉर्म फेस्टिवल’ के जरिए नागरिकों को प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अपने अनुभव, समस्याएं और सुधार संबंधी सुझाव सीधे साझा करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि आम लोगों को रोजाना सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए उनके अनुभवों से मिलने वाले सुझाव व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने में मदद कर सकते हैं।
इस पहल के तहत अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक विभिन्न स्तरों पर सुझावों को एकत्र करने और उन पर काम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार की कोशिश है कि नागरिकों की भागीदारी केवल सुझाव देने तक सीमित न रहे, बल्कि उनके सुझावों के आधार पर वास्तविक बदलाव भी दिखाई दें।
अनुराग रस्तोगी ने तैयारियों की समीक्षा की
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार को ‘रिफॉर्म फेस्टिवल’ की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों से प्राप्त सुझावों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाए और प्रत्येक उपयोगी सुझाव की गहन जांच की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुझावों को केवल रिकॉर्ड में दर्ज करके प्रक्रिया समाप्त नहीं होनी चाहिए। उनकी उपयोगिता, व्यवहारिकता और संभावित प्रभाव का आकलन किया जाए। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर उन सुझावों को लागू करने की दिशा में समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
सुझावों की होगी जांच और प्राथमिकता तय
नागरिक सुझाव बनेंगे प्रशासनिक सुधारों का आधार!
हरियाणा में अब प्रशासनिक सुधारों में प्रदेश के नागरिकों की अहम भूमिका होगी। राज्य सरकार लोगों को प्रशासनिक सुधारों की प्रक्रिया से सीधे जोड़ने के लिए ‘सुधार उत्सव’ आयोजित करने जा रही है। ‘सुधार उत्सव’ अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 11, 2026
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि नागरिकों से मिलने वाले सुझावों को एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए पहले सुझावों का अध्ययन किया जाएगा और फिर यह देखा जाएगा कि उनमें से कौन से सुझाव तत्काल लागू किए जा सकते हैं और किनके लिए व्यापक नीतिगत या प्रशासनिक बदलाव की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों को सुझावों की प्राथमिकता तय करने के साथ-साथ उनके क्रियान्वयन के लिए समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रशासनिक सुधार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और परिणाम केंद्रित बनाने में मदद मिल सकती है।
‘सुझावों को वास्तविक सुधार में बदलना जरूरी’
अनुराग रस्तोगी ने जोर दिया कि नागरिकों की ओर से आने वाले उपयोगी सुझावों को वास्तविक प्रशासनिक सुधार में बदला जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लागू किए गए सुधारों के परिणामों का भी आकलन किया जाए।
इसका मतलब यह है कि किसी सुझाव को लागू करने के बाद यह भी देखा जाएगा कि उससे आम नागरिकों को कितना फायदा हुआ, सरकारी सेवाओं में कितना सुधार आया और प्रक्रिया पहले की तुलना में कितनी आसान हुई। इस तरह सुधारों के प्रभाव का मूल्यांकन भी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।
जनता और प्रशासन के बीच मजबूत होगा संवाद
‘रिफॉर्म फेस्टिवल’ को सरकार और नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। आमतौर पर प्रशासनिक सुधार नीतियों और सरकारी स्तर पर तैयार किए जाते हैं, लेकिन इस पहल में नागरिकों के अनुभव और सुझावों को भी प्रक्रिया में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में मदद मिल सकती है। नागरिकों को यह महसूस होगा कि उनकी समस्याओं और सुझावों को केवल सुना ही नहीं जा रहा, बल्कि उन पर कार्रवाई भी की जा रही है।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर रहेगा फोकस
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपयोगी सुझावों को लागू करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिन सुधारों को मंजूरी मिले, उनके लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की जाए और संबंधित विभाग नियमित रूप से उनकी प्रगति की समीक्षा करें।
इसके साथ ही सुधारों के परिणामों का आकलन भी किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित पहल अपने उद्देश्य को पूरा कर रही है या नहीं। जरूरत पड़ने पर लागू किए गए सुधारों में आगे बदलाव भी किया जा सकेगा।
हरियाणा में जन-केंद्रित प्रशासन की दिशा में पहल
हरियाणा सरकार का ‘रिफॉर्म फेस्टिवल’ प्रशासनिक सुधारों को जनता की भागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में नागरिकों के सुझावों को व्यवस्थित तरीके से एकत्र करने, उनकी जांच करने, प्राथमिकता तय करने और समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर रहेगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के निर्देशों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम उद्देश्य केवल सुझाव एकत्र करना नहीं, बल्कि सुझावों को ठोस प्रशासनिक सुधारों में बदलना और उनके परिणामों को मापना है। इससे हरियाणा में प्रशासनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में नई पहल को गति मिल सकती है।