AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने पंजाब चुनाव से पहले पार्टी को बदनाम करने की कथित साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने AAP कार्यालय के पते पर 58 कंपनियों के GST रजिस्ट्रेशन की जांच की मांग की।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP को बदनाम करने के लिए एक कथित साजिश तैयार की जा रही है। उन्होंने दिल्ली स्थित AAP के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर 58 कंपनियों के GST रजिस्ट्रेशन का मुद्दा उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में दिल्ली चुनाव से पहले AAP पर लगाए गए कथित शराब नीति मामले के आरोपों का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि इसी तरह का माहौल पंजाब चुनाव से पहले भी तैयार किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आने वाले समय में AAP को कथित तौर पर ड्रग तस्करी से जुड़े पैसों और शेल कंपनियों से जोड़ने की कोशिश की जा सकती है।
AAP मुख्यालय के पते पर 58 कंपनियों का मामला
रिपोर्टों के मुताबिक, भारद्वाज ने दावा किया कि 19 जुलाई से 15 सितंबर के बीच AAP के राष्ट्रीय कार्यालय, 1 कैनिंग लेन, नई दिल्ली के पते पर 58 कंपनियों का GST रजिस्ट्रेशन हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से इतनी कंपनियों का पंजीकरण कैसे हुआ। AAP ने इस मामले में संबंधित GST अधिकारियों और दिल्ली पुलिस से जांच की मांग भी की है।
भारद्वाज ने कहा कि इन रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल भविष्य में AAP को शेल कंपनियों और कथित अवैध फंडिंग से जोड़ने वाली कहानी तैयार करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इन आरोपों और रजिस्ट्रेशन के पीछे किसी राजनीतिक साजिश की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पंजाब चुनाव का भी किया जिक्र
दिल्ली चुनाव से पहले बीजेपी ने AAP के खिलाफ काफी झूठ फैलाया जैसे शराब घोटाले का फर्जी मुकदमा जिसमें कभी चार्जशीट तक दाखिल नहीं हो पाई।
ऐसा ही कुछ फर्जीवाड़ा ये लोग आने वाले पंजाब चुनाव से पहले करने की तैयारी में थे।
आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की साज़िश का दिल्ली प्रदेश… pic.twitter.com/rVzBRd7oID
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 22, 2026
AAP नेता ने आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले दिसंबर या जनवरी के दौरान पार्टी के खिलाफ नए आरोपों को प्रचारित किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि AAP को कथित तौर पर ड्रग तस्करों से पैसा मिलने और सैकड़ों शेल कंपनियां चलाने से जोड़ने की कोशिश हो सकती है। ये सौरभ भारद्वाज के राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुराने चुनावी विवादों का भी दिया उदाहरण
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली चुनाव से पहले AAP पर लगे शराब नीति से जुड़े आरोपों का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का इस्तेमाल उसकी छवि खराब करने के लिए किया गया था। इस मामले में फरवरी 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने CBI मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज किया था। CBI ने इस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, इसलिए मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा सकती।
AAP ने जांच की मांग की
AAP ने 19 सितंबर को GST के प्रधान मुख्य आयुक्त, दिल्ली के व्यापार एवं कर विभाग के आयुक्त और नई दिल्ली के पुलिस आयुक्त को शिकायत देने की बात कही है। पार्टी ने यह पता लगाने की मांग की है कि 58 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन किस प्रक्रिया से हुआ और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह किया गया।
फिलहाल 58 कंपनियों के रजिस्ट्रेशन और उनके पीछे की वजहों को लेकर जांच की मांग सामने आई है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि ये रजिस्ट्रेशन किसने कराए, सत्यापन किस स्तर पर हुआ और क्या इनका AAP को बदनाम करने की किसी योजना से कोई संबंध है।