राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में राव तुलाराम के योगदान और वीरता को याद किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा और अमर शहीद राव तुलाराम को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राव तुलाराम के साहस, संघर्ष और देशभक्ति को याद करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। 23 सितंबर को हरियाणा में वीर एवं शहीदी दिवस के रूप में राव तुलाराम सहित प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया जाता है।
अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका
राव तुलाराम 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धाओं में शामिल थे। रेवाड़ी और अहीरवाल क्षेत्र में उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। नसीबपुर के युद्ध में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके संघर्ष और त्याग ने उन्हें हरियाणा के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख वीरों में स्थान दिलाया।
CM सैनी ने बताया अतुलनीय योगदान
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक एवं अमर शहीद राव तुलाराम जी को उनके शहीदी दिवस पर नमन किया।
“अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष में राव तुलाराम जी का योगदान अतुलनीय रहा। उनकी वीरगाथा सदैव देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की लौ… pic.twitter.com/M9PSkwyUWO
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 23, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राव तुलाराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में उनका योगदान अतुलनीय था। उन्होंने कहा कि राव तुलाराम की वीरता और देशभक्ति की गाथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने उनके बलिदान को देश के स्वतंत्रता संघर्ष की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। हरियाणा सरकार और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी शहीदी दिवस के अवसर पर राव तुलाराम के योगदान को याद किया जाता है।
हरियाणा की वीर परंपरा का प्रतीक
राव तुलाराम को अहीरवाल क्षेत्र की वीर परंपरा के प्रमुख प्रतीकों में माना जाता है। हरियाणा सरकार के स्वतंत्रता दिवस संदेश में भी रेवाड़ी के राजा राव तुलाराम को 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले प्रदेश के प्रमुख वीरों में शामिल किया गया है।
शहीदी दिवस के अवसर पर राव तुलाराम के जीवन, संघर्ष और बलिदान से जुड़ी घटनाओं को याद कर युवाओं को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित कराने पर भी जोर दिया जाता है। उनके नाम पर प्रदेश में स्मारक और संस्थान भी स्थापित हैं।
शहीदों के बलिदान को याद करने का दिन
हरियाणा में 23 सितंबर का दिन केवल राव तुलाराम को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम और देश के लिए बलिदान देने वाले प्रदेश के वीरों को याद करने का अवसर भी है। इस दिन विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, भाषण प्रतियोगिताएं और अन्य आयोजन किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से राव तुलाराम को श्रद्धांजलि दिए जाने के साथ एक बार फिर उनके साहस, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया गया। उनकी शौर्यगाथा हरियाणा के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण विरासत के रूप में दर्ज है।