Delhi Women Safety: महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, LSR की ऑनलाइन कक्षाओं के बाद बढ़ी चिंता

Delhi Women Safety: महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, LSR की ऑनलाइन कक्षाओं के बाद बढ़ी चिंता

Delhi Women Safety: महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, LSR की ऑनलाइन कक्षाओं के बाद बढ़ी चिंता

दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। कालकाजी की घटना के बाद LSR ने अस्थायी रूप से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कीं और कॉलेज के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की।

दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। दक्षिण दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन (LSR) ने 22 सितंबर को कॉलेज के पिछले गेट के पास पुलिस मुठभेड़ और उससे पहले कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद अपनी कक्षाएं अस्थायी रूप से ऑनलाइन कर दी थीं। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया और आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया।

कालकाजी की घटना के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता

पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय लड़की के साथ 21 सितंबर को आस्था कुंज पार्क में कथित तौर पर तीन लोगों ने दुष्कर्म किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके दोस्त को रोका था। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी।

इस घटना के बाद पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पार्क के प्रवेश और निकास स्थानों पर CCTV कैमरों की कमी, खराब रोशनी और कुछ गेटों पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने जैसी कमियां सामने आई हैं।

LSR ने एक दिन के लिए ऑनलाइन की पढ़ाई

घटना के बाद LSR प्रशासन ने मंगलवार दोपहर से कक्षाएं स्थगित कर दी थीं। इसके बाद बुधवार की कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की गईं। कॉलेज की प्राचार्या कनिका के. आहूजा ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया। कॉलेज प्रशासन ने अमर कॉलोनी पुलिस थाने से कैंपस के पिछले गेट, आसपास की गलियों और पार्कों में पुलिस गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया।

हालांकि, 23 सितंबर को कॉलेज ने घोषणा की कि 24 सितंबर से नियमित ऑफलाइन कक्षाएं फिर शुरू होंगी।

छात्राओं ने सुरक्षा ऑडिट की मांग उठाई

LSR छात्रसंघ ने भी कैंपस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। छात्रसंघ की ओर से कहा गया कि केवल सामान्य सुरक्षा सलाह जारी करने के बजाय उन स्थानों की पहचान की जानी चाहिए, जहां छात्राओं को बार-बार सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें कैंपस, मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप, पीजी और बाजारों के बीच आने-जाने वाले रास्तों की रोशनी, CCTV, पुलिस गश्त और आपातकालीन सुविधाओं की समीक्षा शामिल है।

महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज

LSR की कक्षाएं अस्थायी रूप से ऑनलाइन किए जाने के बाद दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। AAP की ओर से दिल्ली सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया कि अगर राजधानी में छात्राओं को सुरक्षा संबंधी घटनाओं के कारण ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है, तो यह सरकार के लिए गंभीर सवाल है।

AAP नेता ने अपने बयान में बीजेपी के ‘चार इंजन’ वाले शासन मॉडल का उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। हालांकि, यह राजनीतिक बयान है और सरकार की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।

दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उठ रहे कई सवाल

कालकाजी की घटना के साथ दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई मुद्दे सामने आए हैं। आस्था कुंज पार्क में CCTV, प्रकाश व्यवस्था और गेटों की निगरानी से जुड़े सवालों के अलावा LSR के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी सामने आई है। इसी बीच दिल्ली के एक अन्य इलाके में एक 21 वर्षीय महिला ने बाइक सवार दो लोगों पर पीछा करने, कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने और उसे स्कूटर से गिराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अब निगरानी, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, CCTV, नियमित पुलिस गश्त और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जैसे सवाल प्रमुखता से उठ रहे हैं। LSR मामले में कॉलेज प्रशासन, छात्रसंघ और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

Related posts

राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर CM नायब सिंह सैनी ने किया नमन, बोले- वीरता की गाथा हमेशा जगाएगी देशभक्ति

Haryana CM नायब सिंह सैनी की बड़ी बैठक, जनसंवाद पोर्टल की शिकायतों पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

पानीपत डाहर शुगर मिल ने रचा इतिहास, तकनीकी दक्षता में देशभर में प्रथम; नितिन गडकरी ने दिया राष्ट्रीय पुरस्कार

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More