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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओणम के अवसर पर देशवासियों और दुनिया भर में पर्व मना रहे लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खुशी, एकता और समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और दुनिया भर में ओणम का पर्व मनाने वाले सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ओणम को उमंग, उत्साह, खुशहाली और आपसी भाईचारे से जुड़ा एक जीवंत त्योहार बताया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विविधता में एकता की भावना को दर्शाता है। ओणम केवल केरल का प्रमुख पर्व ही नहीं है, बल्कि आज इसे देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग भी बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कामना की कि ओणम का पर्व प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए तथा समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को और मजबूत करे।
दुनिया भर में उत्साह से मनाया जाता है ओणम
ओणम केरल की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ पर्व है, लेकिन इसकी लोकप्रियता अब सीमाओं से परे पहुंच चुकी है। भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में बसे भारतीय समुदाय भी इस त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। ओणम के अवसर पर घरों को फूलों से सजाया जाता है, पारंपरिक परिधानों को पहना जाता है और विशेष पकवान तैयार किए जाते हैं। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक नृत्य और अन्य आयोजन इस पर्व की भव्यता को बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री के संदेश में इसी व्यापकता और उत्साह की भावना दिखाई देती है। उनका कहना है कि यह जीवंत त्योहार दुनिया भर में भारतीय संस्कृति की सुंदरता और विविधता को प्रदर्शित करता है।
राजा महाबली और समृद्धि की परंपरा
ओणम का संबंध केरल की प्राचीन लोक परंपराओं और राजा महाबली की कथा से माना जाता है। मान्यता है कि राजा महाबली के शासनकाल में प्रजा सुखी और समृद्ध थी। लोग मानते हैं कि ओणम के अवसर पर राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने के लिए आते हैं। यही कारण है कि यह पर्व लोगों के बीच खुशी, समानता, सद्भाव और समृद्धि की भावना को मजबूत करता है। ओणम का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सभी लोगों के साथ समानता और प्रेम से रहने की प्रेरणा भी देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ओणम की शुभकामनाएं देना इसी व्यापक सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश को सामने लाता है।
एकता और भाईचारे का संदेश
भारत की सबसे बड़ी विशेषताओं में उसकी सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता शामिल है। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन हर पर्व देश को एक सूत्र में जोड़ने का काम करता है। ओणम भी इसी भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में happiness, togetherness और prosperity यानी खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को आगे बढ़ाने की कामना की। यह संदेश आज के समय में विशेष महत्व रखता है, जब समाज को आपसी सहयोग, सद्भाव और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। त्योहार लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं और सामाजिक संबंधों को मजबूत करते हैं।
फूलों की रंगोली और पारंपरिक उत्सव
ओणम के दौरान घरों और सार्वजनिक स्थानों पर बनाई जाने वाली फूलों की रंगोली, जिसे ‘पूकलम’ कहा जाता है, इस पर्व की खास पहचान है। अलग-अलग रंगों और फूलों से तैयार की गई पूकलम लोगों के घरों और आसपास के वातावरण को सुंदर बना देती है। इसके साथ ही पारंपरिक ओणम साध्या भी इस उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले अनेक पारंपरिक व्यंजन परिवार और समुदाय के लोगों को एक साथ बैठकर भोजन करने का अवसर देते हैं। इस प्रकार ओणम केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक पर्व नहीं, बल्कि परिवार, समाज और समुदाय को जोड़ने वाला उत्सव भी है।
नई ऊर्जा और सकारात्मकता का पर्व
ओणम प्रकृति, कृषि, परंपरा और समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है। यह पर्व लोगों को मेहनत, खुशहाली और बेहतर भविष्य की उम्मीद देता है। फसल और समृद्धि से जुड़ी परंपराएं किसानों और ग्रामीण जीवन के महत्व को भी रेखांकित करती हैं। ऐसे समय में ओणम का संदेश लोगों को प्रकृति के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव अपनाने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री की शुभकामना में भी इसी सकारात्मकता की झलक दिखाई देती है कि यह त्योहार हर व्यक्ति के जीवन में खुशी और समृद्धि को बढ़ाए।
भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान
आज भारतीय त्योहार दुनिया के अनेक देशों में उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय अपनी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे पर्वों का आयोजन करते हैं। ओणम भी भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विदेशों में आयोजित होने वाले ओणम समारोह भारतीय संस्कृति, खान-पान, कला और परंपराओं से लोगों को परिचित कराते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश भी भारतीय संस्कृति की इसी वैश्विक पहुंच और उसके सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित करता है।
सुख, शांति और समृद्धि की कामना
ओणम के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी के जीवन में खुशी, एकता और समृद्धि की कामना की। उनका संदेश इस बात पर केंद्रित है कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। ओणम हमें मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। यही इस पर्व की सबसे बड़ी खूबसूरती है। प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों और दुनिया भर में ओणम मनाने वाले लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इस जीवंत पर्व की खुशियां हर परिवार तक पहुंचने की कामना की। निश्चित रूप से ओणम का संदेश भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना को और मजबूत करता है और खुशहाल, समृद्ध तथा सौहार्दपूर्ण समाज की दिशा में सकारात्मक प्रेरणा देता है।