पीएम मोदी की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA), और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रक्षा समझौतों की पूरी जानकारी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है। यह पिछले चार दशकों (40 साल) में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा है, जिसने इस ऐतिहासिक दौरे को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। जैसे ही पीएम मोदी न्यूजीलैंड की धरती पर पहुंचे, वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों में एक अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। ऑकलैंड में आयोजित एक भव्य सामुदायिक स्वागत समारोह में प्रवासी भारतीयों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न रंगों को बिखेरा। इस कार्यक्रम में पंजाब के लोक नृत्य, तमिलनाडु की सांस्कृतिक झलक, और कर्नाटक तथा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक अद्भुत फ्यूजन देखने को मिला। इसके साथ ही, ‘वंदे मातरम’ की एक दिल छू लेने वाली प्रस्तुति ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
भारतीय प्रवासियों की सराहना और गहरा जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस स्वागत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने विशेष रूप से ‘नाद वोकल एंसेंबल’ (Naad Vocal Ensemble) के संगीतमय प्रदर्शन को सराहा और कहा कि संगीत में लोगों को एक साथ लाने की एक अनूठी क्षमता होती है। पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी दूरी के बावजूद अपनी जड़ों से उनका जुड़ाव अटूट है। उन्होंने लिखा, “मैं अपने प्रवासियों को पीढ़ियों और महाद्वीपों में भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने और भारत तथा न्यूजीलैंड के बीच स्थायी लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करने के लिए बधाई देता हूं।” विदेश मंत्रालय (MEA) के जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, न्यूजीलैंड में लगभग 1,43,000 भारतीय मूल के लोग और 1,57,000 अनिवासी भारतीय (NRIs) रहते हैं, जिससे वहां कुल भारतीय आबादी 3,00,000 तक पहुंच गई है।
तिरंगे के रंगों में नहाया स्काई टावर और राजनयिक गर्मजोशी
इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत का स्वागत करते हुए ऑकलैंड के सबसे प्रतिष्ठित मील के पत्थर, ‘स्काई टावर’ (Sky Tower) को भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों (केसरिया, सफेद और हरे) की रोशनी से रोशन किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘X’ पर इस खूबसूरत दृश्य को साझा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच बढ़ती आत्मीयता और सौहार्द का प्रतीक बताया। ऑकलैंड पहुंचने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 17 मार्च 2025 को नई दिल्ली में हुई थी जब प्रधानमंत्री लक्सम भारत के आधिकारिक दौरे पर आए थे। इस यात्रा के दौरान दोनों प्रधानमंत्री व्यापार, वाणिज्य और रक्षा सहित द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे, जिसमें पिछले दो वर्षों में काफी प्रगति देखी गई है।
मुक्त व्यापार समझौता (FTA) और आर्थिक साझेदारी
इस यात्रा से ठीक पहले दोनों देशों के बीच अप्रैल 2026 में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते को लेकर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने भारी उत्साह व्यक्त किया है। उन्होंने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के व्यवसायों में जबरदस्त उछाल आने वाला है क्योंकि पहले ही दिन से भारत को निर्यात होने वाली 57% वस्तुएं पूरी तरह से टैरिफ-मुक्त (सीमा शुल्क रहित) हो जाएंगी। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की यह यात्रा इस व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति देने के लिए एक उत्प्रेरक (Catalyst) का काम करेगी। ऑकलैंड में अपने प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख व्यापारिक और खेल जगत की हस्तियों के साथ भी बातचीत करेंगे।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक में भारत का बढ़ता प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा उनकी ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया की सफल यात्राओं के ठीक बाद हो रही है। यह दौरा नई दिल्ली की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के जीवंत रूप को दर्शाता है और इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र में भारत के बढ़ते रणनीतिक प्रभाव को रेखांकित करता है। वैश्विक स्तर पर भी इस यात्रा को काफी सराहना मिल रही है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने पीएम मोदी के आगमन का वीडियो ‘X’ पर रीशेयर करते हुए कोरियाई, अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं में दोनों देशों की दोस्ती और प्रगति की कामना की, जिसके लिए पीएम मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया।
ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया यात्रा के रणनीतिक परिणाम
न्यूजीलैंड पहुंचने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक मील के पत्थर हासिल किए:
- ऑस्ट्रेलिया दौरा: पीएम मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा किया और ‘स्पोर्ट्स कोऑपरेशन रोडमैप’ का अनावरण किया। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा उपयोग के लिए ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम निर्यात को मंजूरी देने वाला एक बड़ा समझौता हुआ। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने की घोषणा की गई।
- इंडोनेशिया दौरा: इंडोनेशिया में भारत के सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को आधुनिक रक्षा सहयोग के साथ जोड़ा गया। भारत और इंडोनेशिया ने एक बेहद महत्वपूर्ण रक्षा समझौते के तहत ‘ब्रह्मोस’ (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और ‘अस्त्रा’ (ASTRA) बियॉन्ड-विजुअल-रेंज हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति के समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने एक स्वतंत्र, खुले, पारदर्शी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।