संसद के संसद के मानसून सत्र में आज कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल पर नजर में आज लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल, सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या संशोधन बिल और MSME संशोधन विधेयक सहित प्रमुख एजेंडा जानें।
संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार का दिन विधायी कार्यों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में कई अहम विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित किए जाने की संभावना है। लोकसभा में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार और पारित करने की प्रक्रिया होगी, जबकि राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कानूनों में आवश्यक सुधार कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना है।
लोकसभा में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन पर होगी चर्चा
लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए सदन में पेश करेंगे। यह विधेयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का मानना है कि बदलते समय और डिजिटल प्रशासन की आवश्यकताओं को देखते हुए जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है। इस संशोधन के जरिए नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी रिकॉर्ड को अधिक सटीक रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को भी सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना है ताकि लंबित मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिल सके। देश में लगातार बढ़ रहे मुकदमों और न्यायिक भार को देखते हुए सरकार न्यायपालिका की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। यदि यह विधेयक पारित होता है तो सुप्रीम कोर्ट में अधिक न्यायाधीश नियुक्त किए जा सकेंगे, जिससे मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
संयुक्त समिति को रिपोर्ट पेश करने के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव
लोकसभा में आज एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी लाया जाएगा, जिसमें संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की जाएगी। यह समिति संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 की समीक्षा कर रही है। सरकार का कहना है कि इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत अध्ययन और विभिन्न पक्षों से परामर्श के लिए समिति को अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत होगी रिपोर्ट और दस्तावेज पेश करने से
विधायी कार्य शुरू होने से पहले विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री सदन की मेज पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिपोर्ट रखेंगे। इसके अलावा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट भी लोकसभा में प्रस्तुत की जाएगी। इन रिपोर्टों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन की समीक्षा सदन के सामने रखी जाएगी।
राज्यसभा में एमएसएमई संशोधन विधेयक होगा पेश
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगे। यह विधेयक एमएसएमई विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। सरकार का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी, निवेश अनुकूल और रोजगार सृजन के लिए सक्षम बनाना है। माना जा रहा है कि इस संशोधन से छोटे और मध्यम उद्योगों को नई सुविधाएं मिलेंगी तथा उन्हें वित्तीय और तकनीकी सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
संसदीय समितियों की सिफारिशों पर भी होगी चर्चा
राज्यसभा में विभिन्न विभागों से संबंधित संसदीय स्थायी समितियों की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर भी मंत्रियों द्वारा बयान दिए जाएंगे। इन बयानों के माध्यम से सरकार यह जानकारी देगी कि समितियों द्वारा सुझाए गए सुधारों और सुझावों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। इससे संसद को विभिन्न मंत्रालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा।
दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे से होगी शुरू
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू होगी। मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश कर रही है। विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, ऐसे में सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
संसद ने हाल ही में पारित किए कई अहम विधेयक
गौरतलब है कि गुरुवार को राज्यसभा ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। यह विधेयक पहले लोकसभा से पारित हो चुका था। हालांकि मतदान के दौरान विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
‘वंदे मातरम्’ के अपमान को बनाया जाएगा दंडनीय अपराध
इसी दौरान लोकसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह विधेयक राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान करता है। इससे पहले राज्यसभा भी इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी है। विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच यह विधेयक पारित हुआ। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए यह कानून आवश्यक है, जबकि विपक्ष ने इस पर कई संवैधानिक और राजनीतिक सवाल उठाए हैं।
कुल मिलाकर, संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार का दिन कई महत्वपूर्ण विधायी फैसलों के लिए अहम माना जा रहा है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था में सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने, एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने और संसदीय समितियों की रिपोर्टों पर चर्चा जैसे मुद्दे देश की प्रशासनिक, न्यायिक और आर्थिक व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।