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क्या दिन-रात मेहनत के बाद भी ऑफिस में तरक्की रुकी हुई है? वास्तु शास्त्र के अनुसार अपनी ऑफिस डेस्क पर सेंधा नमक या फिटकरी सही नियम से रखें। जानिए नेगेटिविटी दूर करने और करियर चमकाने के अचूक उपाय।
हर कामकाजी व्यक्ति की यह दिली ख्वाहिश होती है कि उसके करियर का ग्राफ हमेशा ऊपर की ओर जाए, उसे कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिले और उसकी सैलरी व पद में लगातार तरक्की हो। लेकिन कई बार दिन-रात एक करने और अपनी पूरी क्षमता से काम करने के बावजूद सफलता में कोई न कोई रुकावट महसूस होने लगती है। बनते हुए काम अचानक बिगड़ने लगते हैं या फिर कार्यस्थल पर बेवजह का तनाव और राजनीति हावी होने लगती है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, इस तरह की रुकावटों के पीछे केवल आपकी मेहनत की कमी नहीं, बल्कि आपके वर्कप्लेस (Workplace) पर मौजूद नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) भी एक बड़ा कारण हो सकती है।
हम दिन का एक बड़ा हिस्सा अपनी ऑफिस डेस्क या वर्क स्टेशन पर बिताते हैं, इसलिए वहां की ऊर्जा का हमारे दिमाग और काम पर सीधा असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में वास्तु शास्त्र के कुछ बेहद आसान और अचूक उपाय अपनाकर वर्क डेस्क के माहौल को पूरी तरह से सकारात्मक और ऊर्जावान बनाया जा सकता है। आज हम आपको ऑफिस डेस्क पर रखी जाने वाली ऐसी ही दो बेहद सुलभ चीजों—सेंधा नमक (Rock Salt) और फिटकरी (Alum) के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके आस-पास की नेगेटिविटी को सोखकर आपकी तरक्की के रास्ते खोलती हैं। हालांकि, इन्हें डेस्क पर रखने के कुछ बेहद कड़े वास्तु नियम होते हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है।
1. सेंधा नमक (Rock Salt) के अचूक नियम: मिटाएगा हर तनाव
वास्तु मान्यताओं में सेंधा नमक को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और वातावरण को शुद्ध करने के लिए सबसे शक्तिशाली माध्यम माना गया है। ऑफिस में अक्सर कई तरह के लोगों का आना-जाना होता है, जिससे विचारों और ऊर्जा का टकराव होता है। डेस्क पर सेंधा नमक रखने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है। इसे रखने के मुख्य नियम निम्नलिखित हैं:
- बर्तन का चुनाव: सेंधा नमक के टुकड़ों को हमेशा कांच के एक छोटे और साफ बर्तन या कटोरी में रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, कांच राहु के नकारात्मक प्रभावों को नियंत्रित करता है और नमक के साथ मिलकर सकारात्मकता बढ़ाता है। ध्यान रहे कि नमक बाहर से साफ दिखाई देता रहे।
- सही दिशा का ज्ञान: वास्तु शास्त्र के मुताबिक, सेंधा नमक के इस बर्तन को अपनी वर्क डेस्क की उत्तर (North) या उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में स्थापित करना सबसे ज्यादा शुभ और फलदायी माना जाता है। यह दिशा करियर के नए अवसरों और सहयोगियों से अच्छे संबंधों को बढ़ावा देती है।
- समय पर बदलना है जरूरी: चूंकि नमक अपने आस-पास की हर तरह की बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर समाहित कर लेता है, इसलिए एक समय के बाद इसकी क्षमता खत्म हो जाती है। मान्यता है कि हर 10 से 15 दिनों के भीतर इस नमक को बदल देना चाहिए।
- विसर्जन की विधि: पुराने हो चुके नमक को कभी भी सीधे कूड़ेदान में न फेंकें। इसे या तो चलते हुए साफ पानी में प्रवाहित कर दें या फिर बेसिन में पानी चलाकर बहा दें।
2. फिटकरी (Alum) के दिव्य उपाय: बढ़ेगी काम में एकाग्रता
सेंधा नमक की ही तरह फिटकरी को भी वास्तु में सकारात्मक ऊर्जा का एक बहुत बड़ा स्रोत और कल्पवृक्ष की तरह देखा जाता है। यदि आपका मन काम में नहीं लग रहा है, बार-बार ध्यान भटकता है या सहकर्मियों के साथ अनबन रहती है, तो फिटकरी का उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है। इसे डेस्क पर रखने से काम में एकाग्रता (Focus) बढ़ती है और बिजनेस व नौकरी में सफलता के बंद रास्ते खुलते हैं। इसके नियम इस प्रकार हैं:
- रखने का अनोखा तरीका: सेंधा नमक के विपरीत, फिटकरी को कभी भी खुला नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा एक साफ लाल कपड़े में लपेटकर अपनी डेस्क पर रखना चाहिए, ताकि यह बाहर से किसी को सीधे दिखाई न दे। लाल कपड़ा ऊर्जा को बांधकर रखता है और नजर दोष से बचाता है।
- पात्र का चयन: लाल कपड़े में लिपटी इस फिटकरी को आप लकड़ी, कांच या चांदी के किसी छोटे पात्र या बॉक्स में रख सकते हैं। इनमें से किसी भी धातु या तत्व का उपयोग करना वास्तु के लिहाज से बेहद शुभ माना जाता है।
- बदलने का नियम: फिटकरी को सेंधा नमक के मुकाबले थोड़े लंबे समय तक रखा जा सकता है। इसे करीब 15 से 20 दिनों के बाद बदल देना चाहिए।
- निस्तारण का तरीका: डेस्क से हटाई गई पुरानी फिटकरी के टुकड़े को अच्छी तरह पीसकर या कूटकर नाली में बहा देने की सलाह दी जाती है, ताकि उसके साथ ही सारी नकारात्मकता भी आपके जीवन से हमेशा के लिए बह जाए।
सबसे महत्वपूर्ण सावधानी: भूलकर भी दोनों को एक साथ न रखें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, भले ही फिटकरी और सेंधा नमक दोनों ही आपके करियर के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं और दोनों को ऑफिस डेस्क पर रखा जा सकता है, लेकिन इन्हें कभी भी एक साथ या एक ही जगह सटाकर नहीं रखना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों तत्वों की अपनी अलग-अलग ऊर्जा और प्रकृति होती है। जब आप इन दोनों चीजों को एक ही डेस्क पर एक साथ रख देते हैं, तो वहां की ऊर्जा का संतुलन (Energy Balance) पूरी तरह से प्रभावित और बाधित हो जाता है। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से शुभ प्रभाव मिलने के बजाय आपकी काम करने वाली जगह के आसपास नेगेटिव एनर्जी का संग्रह (Accumulation) और ज्यादा बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा, जिससे काम पर फोकस करने में भारी परेशानी आ सकती है और सिरदर्द या चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। इसलिए अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी एक उपाय को चुनें और पूरे नियम के साथ उसका पालन करें ताकि करियर में सफलता आपके कदम चूमे।