ओडिशा में बाढ़ का खतरा बरकरार, हीराकुड बांध के 22 गेट खुले, 10 जिले हाई अलर्ट पर

ओडिशा में बाढ़ का खतरा बरकरार, हीराकुड बांध के 22 गेट खुले, 10 जिले हाई अलर्ट पर

 

ओडिशा में हीराकुड बांध के 22 गेट खोलने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। 10 जिले हाई अलर्ट पर हैं, जबकि 21 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। जानें ताजा अपडेट।

ओडिशा में लगातार बारिश और हीराकुड बांध से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने तटीय क्षेत्र के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। रविवार को हीराकुड बांध से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी कटक के पास मुंडाली पहुंच गया, जिससे महानदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। हालांकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि फिलहाल नदी से सटे निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दूसरी ओर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 21 जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के साथ सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

कटक के पास मुंडाली में बढ़ा महानदी का जलस्तर

जल संसाधन विभाग के अनुसार, रविवार सुबह कटक के पास मुंडाली में महानदी का जलस्तर बढ़कर 5.73 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जबकि शनिवार को यह 4.74 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था। जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता (इंजीनियर-इन-चीफ) दिलीप कुमार राउत ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन महानदी में बाढ़ का सबसे खतरनाक दौर अब गुजर चुका है। उन्होंने कहा कि मुंडाली में अधिकतम जल प्रवाह लगभग 7 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है, जबकि इससे पहले गुरुवार रात यहां से 8.88 लाख क्यूसेक पानी बह चुका था। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि अगले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में अत्यधिक बारिश नहीं होती है, तो अतिरिक्त पानी बिना किसी बड़े नुकसान के समुद्र की ओर निकल जाएगा।

हीराकुड बांध के 22 गेट खोलने से बढ़ी सतर्कता

लगातार बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए हीराकुड बांध के 22 गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। इसके बाद राज्य सरकार ने महानदी घाटी क्षेत्र के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को आशंका है कि बढ़ा हुआ जलस्तर खोरधा, कटक, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर सहित कई निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है। स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखने, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों की तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

21 जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक जारी अपने ताजा बुलेटिन में राज्य के 21 जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर, मयूरभंज, कालाहांडी, नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति, गंजाम, पुरी, खोरधा और नयागढ़ जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम खराब रह सकता है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, नदी-नालों से दूर रहने और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

उत्तरी ओडिशा में आठ लाख से अधिक लोग प्रभावित

लगातार बारिश और नदियों के उफान के कारण उत्तरी ओडिशा में आठ लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से कट गया है और खेतों में पानी भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से सालंदी, जलका, बूढ़ाबलंग, वैतरणी और ब्राह्मणी नदियों के किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इन नदियों का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है, वहां राहत सामग्री, पीने का पानी, दवाइयां और आवश्यक खाद्य सामग्री समय पर पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कई कैबिनेट मंत्रियों को राहत कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि अन्य मंत्रियों को अलग-अलग जिलों में बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों, अग्निशमन विभाग, ओड्राफ (ODRAF) और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने को कहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन की अपील- अफवाहों से बचें और सतर्क रहें

राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। फिलहाल महानदी में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि बारिश की तीव्रता नहीं बढ़ती है तो स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। बावजूद इसके, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा और पूरे राज्य में हाई अलर्ट बनाए रखा गया है।

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