अमेरिकी DHS के ‘Mr Singh’ वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर JKPCC ने आपत्ति जताई। कांग्रेस ने भारतीयों के सम्मान की रक्षा के लिए केंद्र से अमेरिका को कड़ा जवाब देने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) ने शुक्रवार को अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की ओर से सोशल मीडिया पर जारी किए गए एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट की कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस पोस्ट में भारतीयों, विशेष रूप से सिख समुदाय को निशाना बनाते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। पार्टी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से इस मामले में अमेरिकी प्रशासन के सामने उचित और कड़ा विरोध दर्ज कराने की मांग की। JKPCC के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि भारत सरकार को देश के नागरिकों की गरिमा की रक्षा के लिए इस तरह के मामलों पर स्पष्ट और प्रभावी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
अमेरिकी DHS के सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद
यह विवाद अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रकाशित एक अभियान पोस्ट के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग ने बिना लाइसेंस वाले व्यावसायिक ड्राइवरों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए एआई से तैयार तस्वीर का इस्तेमाल किया था। पोस्ट में दाढ़ी वाले एक भूरे रंग के व्यक्ति की तस्वीर के साथ ‘Mr Singh’ को संबोधित करते हुए सड़क से हटने की बात कही गई थी। इस पोस्ट को लेकर अमेरिका में भी विरोध और आलोचना सामने आई। कई अधिकार समूहों और संगठनों ने इसे नस्लीय और भेदभावपूर्ण करार दिया।
रविंदर शर्मा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
JKPCC प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच पिछले वर्षों में दिखाए गए करीबी राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि अगर दोनों देशों के रिश्ते इतने मजबूत हैं तो भारतीय नागरिकों को इस तरह की भाषा का सामना क्यों करना पड़ रहा है। शर्मा ने पूर्व में भारत में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में लगाए गए राजनीतिक नारों और ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए केंद्र से जवाब मांगा।
शर्मा ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ मजबूत दोस्ती और रणनीतिक संबंधों की बात लगातार सुनी है। ऐसे में किसी अमेरिकी सरकारी एजेंसी की ओर से भारतीयों को लेकर आपत्तिजनक या अपमानजनक संदेश सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने केंद्र से अमेरिकी अधिकारियों के सामने इस मामले को उचित तरीके से उठाने और भारत का रुख स्पष्ट करने की मांग की।
निर्वासित भारतीयों के साथ व्यवहार का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीयों के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार को भी याद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में अमेरिका से वापस भेजे गए कुछ भारतीयों को हथकड़ियों और जंजीरों में भारत लाया गया था। शर्मा ने इसे भारतीय नागरिकों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि देश इस तरह के व्यवहार को आसानी से नहीं भूल सकता।
उनके मुताबिक, विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय ने लंबे समय से अपने परिश्रम और योगदान के जरिए भारत की छवि मजबूत की है। इसलिए किसी भी देश की सरकारी एजेंसी की ओर से भारतीय नागरिकों या किसी समुदाय को निशाना बनाने वाली भाषा का इस्तेमाल चिंता का विषय होना चाहिए।
मनमोहन सिंह के कार्यकाल का किया उल्लेख
रविंदर शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में ‘Singh is King’ जैसे नारे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपतियों बराक ओबामा तथा जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व की प्रशंसा की थी। इसके विपरीत उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भारतीय नागरिकों के कथित अपमान पर सवाल उठाया।
शर्मा ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का दावा करने वाली सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशों में भारतीय नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हो। उन्होंने केंद्र से इस मामले में केवल बयान देने के बजाय उचित राजनयिक कदम उठाने की मांग की।
केंद्र से अमेरिकी अधिकारियों के सामने मुद्दा उठाने की मांग
JKPCC ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अमेरिकी प्रशासन के साथ इस मुद्दे को गंभीरता से उठाए। पार्टी का कहना है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि किसी भी विदेशी सरकार या उसकी एजेंसी की ओर से भारत या भारतीय नागरिकों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट सामने आती है तो उसका उचित स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।
विरोध के बाद पोस्ट हटाया गया
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में इस पोस्ट को लेकर व्यापक विरोध और आलोचना के बाद अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने सोशल मीडिया पोस्ट को हटा दिया। हालांकि, पोस्ट हटाए जाने के बावजूद इसे लेकर राजनीतिक विवाद भारत में भी जारी है। JKPCC ने इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय नागरिकों के सम्मान से जोड़ते हुए केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और अमेरिका के सामने भारत की आपत्ति दर्ज कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि भारत के नागरिकों की गरिमा किसी भी परिस्थिति में राजनीतिक या कूटनीतिक संबंधों से ऊपर होनी चाहिए और सरकार को ऐसे मामलों में मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए।