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NSG ने मानेसर में पहली बार महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स शुरू किया है। 12 सप्ताह के प्रशिक्षण में महिला जवानों को हथियार संचालन, निशानेबाजी, बंधक बचाव और आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग दी जा रही है।
भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मानेसर स्थित NSG ट्रेनिंग अकादमी में पहली बार महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स (MCCC) का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी CAPFs की महिला कर्मियों को कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिला सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए शारीरिक, मानसिक और पेशेवर रूप से अधिक सक्षम बनाना है। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में आतंकवाद, बंधक संकट और अन्य गंभीर ऑपरेशनल परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित महिला कमांडो की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है।
12 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम
महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स का आयोजन 24 अगस्त से 14 नवंबर 2026 तक किया जा रहा है। यह 12 सप्ताह का व्यापक और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें महिला कर्मियों को कमांडो ऑपरेशंस से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य प्रतिभागियों में शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, मानसिक मजबूती और ऑपरेशनल दक्षता को विकसित करना है।
इस दौरान महिला कर्मियों को फिजिकल कंडीशनिंग के साथ हथियार संचालन और सटीक निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा इंटरवेंशन स्किल्स, बंधक बचाव अभियान और आतंकवाद विरोधी अभियानों से संबंधित परिस्थितियों में काम करने के लिए भी उन्हें तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण का स्वरूप ऐसा रखा गया है कि प्रतिभागी कठिन और तेजी से बदलती परिस्थितियों में दबाव के बीच सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकें।
शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती पर जोर
कमांडो प्रशिक्षण केवल हथियार चलाने या शारीरिक क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं होता। ऐसे अभियानों में जवानों को अत्यधिक दबाव, जोखिम और अनिश्चित परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। इसलिए महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स में शारीरिक प्रशिक्षण के साथ मानसिक मजबूती और निर्णय लेने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
महिला कर्मियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम बनाए रखने, टीम के साथ समन्वय स्थापित करने और जरूरत के अनुसार तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस तरह का प्रशिक्षण उन्हें सामान्य पुलिसिंग या सुरक्षा ड्यूटी से आगे बढ़कर विशेष ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए सक्षम बनाने में मदद करेगा।
बंधक बचाव और आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग
MCCC के दौरान बंधक बचाव अभियान यानी Hostage Rescue Operations से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंधक संकट जैसी परिस्थितियां बेहद संवेदनशील होती हैं, जहां सुरक्षा बलों को सीमित समय में रणनीतिक और सटीक निर्णय लेने पड़ते हैं। इसके साथ ही आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए भी महिला कर्मियों को तैयार किया जा रहा है।
इंटरवेंशन स्किल्स और हथियार संचालन जैसे प्रशिक्षण महिला कमांडो को संभावित ऑपरेशनल परिस्थितियों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद कर सकते हैं। इस पहल के जरिए महिला सुरक्षा कर्मियों को केवल प्रशिक्षण देना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता के साथ जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करना भी इसका अहम हिस्सा है।
नारी शक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम
महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स को देश की सुरक्षा व्यवस्था में नारी शक्ति की भूमिका को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और अब उन्हें विशेष ऑपरेशनल भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में NSG की यह पहल भविष्य में महिला कमांडो का एक सक्षम और प्रशिक्षित कैडर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। आतंकवाद और संगठित हिंसा से लेकर बंधक संकट तथा अन्य आपात परिस्थितियों तक, सुरक्षा बलों को अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई करनी पड़ती है। ऐसे अभियानों में प्रशिक्षित महिला कमांडो की मौजूदगी सुरक्षा तंत्र की क्षमताओं को और व्यापक बना सकती है।
मानेसर में मुख्यालय, देशभर में रीजनल हब
NSG का मुख्यालय हरियाणा के मानेसर में स्थित है, जहां इसकी ट्रेनिंग और विशेष ऑपरेशनल क्षमताओं से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे मौजूद हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और गांधीनगर में रीजनल हब स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यकता पड़ने पर तेज प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखना है।
रीजनल हब की व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य Rapid Response Time को मजबूत करना है, ताकि किसी गंभीर सुरक्षा चुनौती या आतंकवादी घटना की स्थिति में विशेष प्रशिक्षित बलों को कम से कम समय में संबंधित क्षेत्र तक पहुंचाया जा सके। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद यह नेटवर्क राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने में योगदान देता है।
‘सर्वत्र सर्वोत्कृष्ट सुरक्षा’ का लक्ष्य
NSG का आदर्श वाक्य ‘सर्वत्र सर्वोत्कृष्ट सुरक्षा’ उसकी जिम्मेदारी और कार्यशैली को दर्शाता है। विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी और अत्यधिक संवेदनशील अभियानों के लिए प्रशिक्षित यह बल आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और पेशेवर दक्षता के आधार पर अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करता रहा है।
महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स इसी व्यापक सुरक्षा दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा सकता है। महिलाओं को विशेष कमांडो प्रशिक्षण देकर सुरक्षा व्यवस्था के अग्रिम मोर्चे पर उनकी भूमिका को मजबूत करना न केवल लैंगिक भागीदारी को बढ़ावा देता है, बल्कि सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल क्षमता को भी व्यापक बनाता है। आने वाले समय में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार से महिला कर्मियों के लिए विशेष सुरक्षा भूमिकाओं के नए अवसर खुल सकते हैं। NSG की यह पहल आधुनिक भारत की सुरक्षा व्यवस्था में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका और पेशेवर क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।