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1 जुलाई 2026 से भारत में पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ रही है। सामान्य और तत्काल दोनों पासपोर्ट के नए रेट और बच्चों के लिए संशोधित शुल्क की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं या अपने पासपोर्ट को रिन्यू कराने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट शुल्क (Passport Fees) में महत्वपूर्ण संशोधन करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव सामान्य और तत्काल, दोनों प्रकार की पासपोर्ट सेवाओं पर लागू होगा। नई संशोधित फीस दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएंगी। यदि आप वर्तमान दरों पर अपना पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, तो आपके पास केवल कुछ ही दिनों का समय शेष है। सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बढ़े हुए शुल्क से बचने के लिए 1 जुलाई 2026 से पहले अपना आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
पासपोर्ट शुल्क में बदलाव का मुख्य कारण और सरकारी दिशा-निर्देश
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम, 1980 में आवश्यक बदलाव करते हुए इन शुल्कों में वृद्धि की है। हाल ही में 14वें ‘पासपोर्ट सेवा दिवस’ के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी जारी किया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक ‘यात्रा दस्तावेज़’ (Travel Document) है, जिसे सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से जारी करती है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पासपोर्ट का होना ही किसी व्यक्ति की नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। नागरिकता से संबंधित नियमों के लिए अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है।
वयस्कों के लिए संशोधित पासपोर्ट शुल्क (18 वर्ष से ऊपर)
वयस्कों के लिए पासपोर्ट सेवाओं की फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। 36 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट के लिए अब सामान्य श्रेणी में 2,500 रुपये और तत्काल श्रेणी में 5,000 रुपये का शुल्क देना होगा। इसी प्रकार, 60 पेज के पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 3,500 रुपये और तत्काल शुल्क 6,000 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि किसी का पासपोर्ट खो जाता है या फट जाता है, तो उसे दोबारा बनवाने के लिए अब अधिक जेब ढीली करनी होगी। 36 पेज के खोए या फटे पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 5,000 रुपये और तत्काल शुल्क 7,500 रुपये होगा। वहीं, 60 पेज के मामले में यह शुल्क सामान्य श्रेणी के लिए 6,000 रुपये और तत्काल के लिए 8,500 रुपये तक पहुंच गया है।
बच्चों के लिए नई दरें (18 वर्ष से कम)
नाबालिगों के पासपोर्ट के लिए भी शुल्कों में बदलाव किए गए हैं। 36 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट के लिए अब 1,750 रुपये (सामान्य) और 4,250 रुपये (तत्काल) का भुगतान करना होगा। यदि बच्चे का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो 36 पेज के री-इश्यू के लिए सामान्य शुल्क 4,250 रुपये और तत्काल शुल्क 6,750 रुपये तय किया गया है।
अन्य आवश्यक सेवाओं के नए शुल्क
पासपोर्ट के अलावा कुछ अन्य संबंधित सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किए गए हैं। अब पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) प्राप्त करने के लिए 750 रुपये का शुल्क देना होगा। इसी प्रकार, सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 1,000 रुपये और विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट की फीस 15 अमेरिकी डॉलर निर्धारित की गई है।
पुरानी दरों के साथ तुलना: क्या बदलाव आया है?
यदि हम पुरानी और नई दरों की तुलना करें, तो यह स्पष्ट है कि सरकार ने शुल्क में लगभग 40% से 60% तक की वृद्धि की है। पहले 36 पेज का पासपोर्ट 1,500 रुपये में बन जाता था, जो अब 2,500 रुपये का हो गया है। इसी तरह 60 पेज के पासपोर्ट के लिए पहले 2,000 रुपये चुकाने पड़ते थे, जो अब बढ़कर 3,500 रुपये हो गए हैं। पासपोर्ट के खोने या फटने की स्थिति में लगने वाले शुल्क में भी भारी इजाफा हुआ है। पहले 36 पेज के लिए 3,000 रुपये लगते थे, जो अब 5,000 रुपये हो गए हैं, और 60 पेज के लिए यह राशि 3,500 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये कर दी गई है।
नागरिकों के लिए सलाह
सरकार की इस घोषणा के बाद उन सभी लोगों के लिए यह अंतिम अवसर है जो कम खर्च में अपना पासपोर्ट बनवाने की इच्छा रखते हैं। 1 जुलाई 2026 से पूरे भारत में नई दरें लागू हो जाएंगी, जिसके बाद किसी भी पुराने शुल्क पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए, यदि आपके दस्तावेज तैयार हैं, तो आज ही आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर दें। यह बढ़ोतरी पासपोर्ट सेवा को और बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे में सुधार के उद्देश्य से की गई है, ताकि नागरिकों को भविष्य में और भी अधिक पारदर्शी और त्वरित सेवाएं प्राप्त हो सकें।