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हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने नसीबपुर में शहीद स्मारक बनाने की घोषणा की। यह स्मारक अहीरवाल के वीर शहीदों की वीरता और बलिदान का प्रतीक बनेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अहीरवाल क्षेत्र के वीर शहीदों के अदम्य साहस, संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान को चिरस्थायी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने नसीबपुर में एक भव्य स्मारक (मेमोरियल) स्थापित करने की घोषणा की है, जो न केवल इस क्षेत्र की गौरवशाली वीरता की परंपरा को संजोकर रखेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।
“नसीबपुर स्मारक बनेगा अहीरवाल के शौर्य का प्रतीक”
अहीरवाल के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा नसीबपुर स्मारक!
राज्य सरकार द्वारा अहीरवाल क्षेत्र के वीर शहीदों के अदम्य साहस, शौर्य, संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने हेतु नसीबपुर में एक भव्य स्मारक स्थापित किया जाएगा। यह स्मारक न केवल अहीरवाल के… pic.twitter.com/QlSKgJGAec
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 24, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अहीरवाल की धरती हमेशा से ही देश की रक्षा के लिए बलिदान देने में अग्रणी रही है। नसीबपुर में बनने वाला यह स्मारक उन महान शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि यह स्मारक केवल एक ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और heroic traditions (वीरता की परंपराओं) को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।
“पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं”
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की रूपरेखा तैयार करते हुए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा:
- सौंदर्यीकरण: स्मारक परिसर के सौंदर्य पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि यह एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने।
- हरियाली और विकास: परिसर में ग्रीन स्पेस (green spaces) विकसित किए जाएं ताकि वातावरण शांत और प्रेरक बना रहे।
- यात्री सुविधाएं: आगंतुकों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग, सुगम मार्ग (easy access) और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
युवाओं में देशभक्ति का संचार
यह स्मारक अहीरवाल क्षेत्र के युवाओं को उनके पूर्वजों के बलिदान की याद दिलाएगा और उनमें राष्ट्र सेवा की भावना को और प्रगाढ़ करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस स्मारक को राज्य के एक प्रमुख पर्यटन और प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नसीबपुर स्मारक जल्द ही अहीरवाल के शौर्य और बलिदान का जीवंत प्रतीक बन सके।