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CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में करीब 12 साल में 2 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। 1.56 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 5 लाख नए रोजगार का लक्ष्य है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के तहत पिछले करीब 12 वर्षों में 2 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति ‘बिना खर्ची-बिना पर्ची’ के आधार पर युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से युवाओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है।
डेढ़ साल में करीब 43 हजार युवाओं को रोजगार
नायब सिंह सैनी के मुताबिक, पिछले करीब डेढ़ साल में ही लगभग 43 हजार युवाओं को सरकारी रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कुशल बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में केवल सरकारी नौकरी ही रोजगार का एकमात्र माध्यम नहीं है। युवाओं को नए कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
1.56 लाख युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण
हरियाणा में ‘बिना खर्ची-बिना पर्ची’ पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के तहत पिछले लगभग 12 वर्षों में 2 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में ही लगभग 43 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। साथ ही, प्रदेश के 1 लाख 56 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है।…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 17, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के करीब 1 लाख 56 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करना और उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास से युवा न केवल नौकरी हासिल कर सकते हैं, बल्कि अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
नौकरी मांगने वालों से नौकरी देने वालों तक युवाओं को ले जाने का लक्ष्य
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ बनाए रखना नहीं, बल्कि उन्हें ‘जॉब प्रोवाइडर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से हरियाणा में New Haryana Progressive MSME and Export Promotion Policy-2026 लागू की गई है।
इस नीति के माध्यम से राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।
55 हजार करोड़ से अधिक निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के अनुसार, नई MSME और Export Promotion Policy-2026 के तहत हरियाणा में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 5 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
रोजगार और उद्यमिता पर सरकार का फोकस
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही अवसर, प्रशिक्षण और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाए। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के साथ-साथ निजी क्षेत्र, MSME, निर्यात और उद्यमिता को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा हरियाणा बनाना है, जहां युवा रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार देने की क्षमता भी विकसित करें। सरकारी नौकरियों, कौशल प्रशिक्षण और MSME आधारित रोजगार के अवसरों को मिलाकर प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।