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Sunny Deol ने Nitesh Tiwari की Ramayana में Hanuman का किरदार निभाने पर बात की। अभिनेता ने फिल्म के VFX और Ranbir Kapoor की भूमिका को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।
नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि सनी देओल हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। ऐसे में सनी देओल के लिए यह भूमिका इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले रामानंद सागर की लोकप्रिय टेलीविजन सीरीज ‘रामायण’ में दारा सिंह ने हनुमान का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी थी। अब जब सनी देओल उसी पौराणिक चरित्र को बड़े पर्दे पर निभा रहे हैं, तो उनसे लगातार पूछा जा रहा है कि इस भूमिका को लेकर उनका अनुभव कैसा रहा और क्या वह दारा सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का दबाव महसूस करते हैं। हाल ही में शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत में सनी देओल ने फिल्म और अपने किरदार को लेकर कई बातें साझा कीं।
दारा सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती
दारा सिंह द्वारा निभाया गया हनुमान का किरदार भारतीय टेलीविजन के इतिहास में बेहद लोकप्रिय रहा है। रामानंद सागर की ‘रामायण’ में दारा सिंह की छवि को दर्शकों ने हनुमान के रूप में लंबे समय तक याद रखा। ऐसे में सनी देओल के सामने उसी किरदार को अपनी शैली में प्रस्तुत करने की चुनौती है। हालांकि, सनी ने इस बात को लेकर किसी तरह की बड़ी भविष्यवाणी करने से परहेज किया। उन्होंने संकेत दिया कि किसी फिल्म के परिणाम को लेकर पहले से दावा करना उनके स्वभाव में नहीं है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि फिल्म को दर्शक किस तरह स्वीकार करते हैं। ‘रामायण’ जैसी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कहानी में हनुमान का किरदार निभाना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी भी है और दर्शकों की उम्मीदें भी इससे जुड़ी हुई हैं।
फिल्म का पूरा फाइनल कट अभी नहीं देखा
सनी देओल ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने अभी तक ‘रामायण’ की पूरी फिल्म नहीं देखी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने फिलहाल केवल ट्रेलर देखा है और उसी के आधार पर फिल्म की तकनीकी भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभिनेता ने फिल्म के स्पेशल इफेक्ट्स की तारीफ करते हुए कहा कि उनका स्तर काफी शानदार है। सनी के इस बयान से संकेत मिलता है कि फिल्म को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है और इसके विजुअल्स पर खास ध्यान दिया गया है। पौराणिक कथा को आधुनिक तकनीक और बड़े सिनेमाई कैनवास पर प्रस्तुत करने की कोशिश फिल्म की सबसे बड़ी खासियतों में से एक मानी जा रही है।
क्या ‘रामायण’ बदलेगी भारतीय सिनेमा?
बातचीत के दौरान सनी देओल से यह भी पूछा गया कि क्या ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा को बदलने वाली फिल्म साबित होगी। इस सवाल पर उन्होंने किसी तरह की निश्चित भविष्यवाणी करने से इनकार किया। अभिनेता ने कहा कि वह किसी चीज के बारे में पहले से भविष्यवाणी करने वालों में से नहीं हैं। हालांकि उन्होंने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स की तारीफ जरूर की। सनी के मुताबिक, उन्होंने पूरी फिल्म नहीं देखी है, इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि फिल्म भारतीय सिनेमा पर कितना बड़ा प्रभाव डालेगी। उनका यह संतुलित जवाब बताता है कि वह फिल्म को लेकर उत्साहित तो हैं, लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया और अंतिम परिणाम को लेकर कोई बड़ा दावा नहीं करना चाहते।
रणबीर कपूर निभा रहे हैं भगवान राम की भूमिका
नितेश तिवारी की ‘रामायण’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टारकास्ट भी है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ साई पल्लवी सीता के किरदार में नजर आएंगी, जबकि सनी देओल हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में रामायण की प्रसिद्ध कथा को आधुनिक तकनीकी साधनों और बड़े बजट के साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है। रणबीर कपूर जैसे अभिनेता को भगवान राम की भूमिका में देखने को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्सुकता है। वहीं सनी देओल की दमदार स्क्रीन पर्सनैलिटी और उनकी आवाज को देखते हुए हनुमान के किरदार को लेकर भी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
बड़े स्तर पर तैयार हो रही है फिल्म
‘रामायण’ को लेकर लंबे समय से चर्चा इसलिए भी है क्योंकि इसे बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी की गई है। फिल्म की कहानी भारतीय पौराणिक परंपरा की सबसे महत्वपूर्ण कथाओं में से एक पर आधारित है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजुअल इफेक्ट्स के साथ पेश करने की कोशिश की जा रही है। सनी देओल द्वारा स्पेशल इफेक्ट्स की तारीफ किए जाने से भी फिल्म के तकनीकी पक्ष को लेकर उत्सुकता बढ़ती है। दर्शक यह देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि नितेश तिवारी इस प्रसिद्ध कथा को किस तरह आधुनिक सिनेमा की भाषा में प्रस्तुत करते हैं।
फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरने की उम्मीद
सनी देओल के लिए हनुमान का किरदार केवल एक फिल्मी भूमिका नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और दर्शकों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा चरित्र भी है। दारा सिंह की लोकप्रिय छवि के कारण इस भूमिका को लेकर तुलना होना स्वाभाविक है। हालांकि सनी देओल ने इस तुलना को लेकर किसी तरह का विवाद खड़ा करने के बजाय फिल्म और दर्शकों की प्रतिक्रिया पर भरोसा जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म देखने के बाद प्रशंसक खुश होंगे। अब फिल्म की रिलीज के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सनी देओल का हनुमान वाला अंदाज दर्शकों के बीच कितनी मजबूत छाप छोड़ता है और क्या ‘रामायण’ वास्तव में भारतीय सिनेमा के लिए एक नया सिनेमाई अनुभव साबित होती है।