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अमृतसर के रामपुरा स्थित सुलहकुल मंदिर में सत्संग के दौरान CM नायब सिंह सैनी ने पंजाब के युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने पढ़ाई, खेल और कौशल सीखने पर जोर दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के अमृतसर स्थित रामपुरा के सुलहकुल मंदिर में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में साध संगत को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल शिक्षा, खेल, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
नायब सिंह सैनी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें नशे के चंगुल में फंसकर अपना जीवन बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता के सपनों को अपना संकल्प बनाएं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि इससे परिवार और समाज पर भी गंभीर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूरी बनाकर अपने भविष्य को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। खेलों में भागीदारी, पढ़ाई और नए कौशल सीखना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
‘माता-पिता के सपनों को बनाएं अपना संकल्प’
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने पंजाब के अमृतसर के रामपुरा स्थित सुलहाकुल मंदिर में आयोजित सत्संग के दौरान साध संगत को सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं से आह्वान किया कि अपने जीवन को नशे के हाथों न सौंपें। माता-पिता के सपनों को अपना संकल्प बनाएं। खेलें, पढ़ें,… pic.twitter.com/DQ5QJAiZy7
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 16, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीवनभर मेहनत करते हैं। ऐसे में युवाओं को उनके सपनों और उम्मीदों को समझते हुए अपने जीवन में सफलता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपना समय व्यर्थ की गतिविधियों में गंवाने के बजाय पढ़ाई, खेल, रोजगार और कौशल विकास में लगाना चाहिए। इससे वे न केवल अपने परिवार को गौरवान्वित कर सकते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।
हर दिन कुछ समय ईश्वर के स्मरण के लिए निकालें
नायब सिंह सैनी ने युवाओं से रोजाना कुछ समय ईश्वर के स्मरण और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए निकालने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और सकारात्मक सोच व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करती है। सत्संग जैसे आयोजनों से अच्छे विचारों और संस्कारों को बढ़ावा मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए शिक्षा और मेहनत के साथ अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच भी जरूरी हैं। युवाओं को अपने जीवन में अनुशासन, सेवा और ईमानदारी को अपनाना चाहिए।
खेल, पढ़ाई और कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि वे खेलें, पढ़ें, नए कौशल सीखें और मेहनत के जरिए अपने भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा शक्ति में अपार क्षमता है और यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें तो वे प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
सुलहकुल मंदिर में आयोजित सत्संग के दौरान नायब सिंह सैनी का मुख्य संदेश युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा, खेल, कौशल, मेहनत और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करना रहा। उन्होंने युवाओं से अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने और स्वस्थ एवं सफल जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।