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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भारत मंडपम में आयोजित ‘Financing India’s Journey Towards Viksit Bharat’ सम्मेलन के दूसरे दिन शामिल हुए। सम्मेलन में विकसित भारत के लक्ष्य के लिए वित्तपोषण और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘Financing India’s Journey Towards Viksit Bharat’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचे। यह सम्मेलन केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वित्तपोषण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है।
विकसित भारत के लिए वित्तीय रणनीति पर चर्चा
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों, निवेश और वित्तीय नीतियों पर विचार-विमर्श करना है। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों, वित्त सचिवों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी है। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं।
भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के संदर्भ में वित्त की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुनियादी ढांचे, उद्योग, शहरी विकास, तकनीक, ऊर्जा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश की जरूरत है। ऐसे में पूंजी जुटाने और उसे विकास के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रभावी तरीके से लगाने पर सम्मेलन में चर्चा हो रही है।
राज्यों की भूमिका पर भी फोकस
“विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण” विषय पर आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP भारत मंडपम पहुँचे।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए वित्तपोषण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर… pic.twitter.com/oNlBBRLYWQ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 19, 2026
विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की भूमिका अहम है। राज्यों के स्तर पर बुनियादी ढांचे, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर वित्तीय समन्वय तथा निवेश के नए अवसरों पर चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीति आयोग की एक रिपोर्ट में भी 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए निवेश बढ़ाने, घरेलू और वैश्विक पूंजी जुटाने तथा वित्तीय ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक विकास की इस यात्रा में बुनियादी ढांचे, औद्योगिकीकरण और शहरीकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की आवश्यकता होगी।
हरियाणा के विकास के लिए भी वित्तीय संसाधन अहम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सम्मेलन में भागीदारी ऐसे समय में हुई है जब हरियाणा में बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास से जुड़े कई क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में उद्योग, कनेक्टिविटी, शहरी विकास, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन में देश की विकास यात्रा के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और उन्हें बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसका व्यापक उद्देश्य आर्थिक विकास को समर्थन देने वाली वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करना और विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए निवेश को गति देना है।
क्या है ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य?
भारत सरकार की दीर्घकालिक विकास दृष्टि में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य शामिल है। नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट में इस विजन के तहत आर्थिक विकास, बेहतर जीवन स्तर, मजबूत बुनियादी ढांचे, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस लक्ष्य के लिए लंबे समय तक निवेश आधारित आर्थिक वृद्धि को बनाए रखना जरूरी होगा।
भारत मंडपम में आयोजित यह सम्मेलन इसी व्यापक विकास यात्रा के लिए वित्तीय जरूरतों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श का मंच बना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इसमें भागीदारी हरियाणा की ओर से इस राष्ट्रीय विकास चर्चा में राज्य की भागीदारी को दर्शाती है।