मौसम विभाग के अनुसार मानसून की रफ्तार धीमी, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट तो कहीं लू का प्रकोप। जानें अपने राज्य का मौसम का हाल।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, देश भर में मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी पड़ गई है। मानसून का जो प्रवाह देश के विभिन्न हिस्सों की ओर बढ़ रहा था, उसमें एक अस्थायी ब्रेक देखा गया है। हालाँकि, राहत की खबर यह है कि आगामी 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं। वर्तमान में, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार के कई क्षेत्रों में मानसून पहले ही दस्तक दे चुका है और यहाँ भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो असम, अरुणाचल प्रदेश, केरल और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई है।
हीटवेव का अलर्ट और तापमान में बदलाव
मानसून की सुस्ती का सबसे अधिक असर मध्य भारत में देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना के कई इलाकों में 21 जून तक भीषण लू (Heatwave) चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि जैसे-जैसे मानसून इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेगा, हीटवेव का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता जाएगा। तापमान के मिजाज की बात करें तो, मध्य भारत में आगामी 19 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके विपरीत, पूर्वी भारत में 21 जून तक तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। महाराष्ट्र में भी 19 जून तक तापमान बढ़ने के बाद गिरावट की संभावना है।
देश भर के लिए चेतावनी और अलर्ट
मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं। पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और केरल के लिए ‘बहुत भारी वर्षा’ का रेड अलर्ट है, जबकि बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे वहां की जनजीवन और फसलों पर असर पड़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में हीटवेव के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, गोवा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रह सकते हैं।
राजस्थान में मौसम का पलटी मारता रुख
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण राजस्थान के मौसम में एक नया बदलाव देखा जा रहा है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते आगामी दिनों में राज्य के बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभाग के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो सामान्य जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, देश फिलहाल मानसून और गर्मी के दोहरे दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत भारी बारिश का सामना कर रहा है, वहीं मध्य भारत अभी भी मानसून की फुहारों का इंतजार कर रहा है। मौसम विभाग की सलाह है कि किसान और आम नागरिक स्थानीय मौसम अलर्ट पर नजर रखें, क्योंकि वज्रपात (बिजली गिरने) और आंधी-तूफान की घटनाएं देश के कई हिस्सों जैसे कि ओडिशा, झारखंड, पंजाब और हरियाणा में देखी गई हैं। मानसून के विस्तार के साथ ही स्थिति में सुधार की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल सतर्कता बरतना आवश्यक है।