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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और सीएम योगी ने 63 किमी लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। ₹4850 करोड़ की 3 हाईवे परियोजनाओं की भी मिली सौगात।
उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और सड़क कनेक्टिविटी के इतिहास में सोमवार (13 जुलाई 2026) का दिन एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से नवनिर्मित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह एक्सप्रेसवे न केवल दो बड़े औद्योगिक और प्रशासनिक शहरों के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति को भी एक नई दिशा देगा। इस भव्य समारोह के दौरान नेताओं ने उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत वाली तीन अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मिली एक ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के उद्घाटन से पहले, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए इस एक्सप्रेसवे को एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया। उन्होंने लिखा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क संपर्क को एक नया आयाम और दिशा प्रदान करेगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण से दोनों महानगरों के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों, व्यापारियों और मालवाहकों को भारी ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। यह आधुनिक सड़क तंत्र राज्य में निवेश को आकर्षित करने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
दूरी घटेगी, रफ्तार बढ़ेगी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन
🛣️ कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे : उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि!#PragatiKaHighway #GatiShakti #KanpurLucknowExpressway@narendramodi @rajnathsingh @myogiadityanath pic.twitter.com/TCGOUOXAMK
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) July 13, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास में बेहतर सड़कों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी में सुधार करने और आर्थिक विकास को गति देने का काम करेंगी। मुख्यमंत्री ने एक्स (X) पर लिखा, “जब सड़कें बेहतर होती हैं, तो दूरियां घटने के साथ-साथ विकास की रफ्तार भी तेज हो जाती है। निवेश के नए रास्ते खुलते हैं और आम जनजीवन में नई संभावनाएं प्रवेश करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से और केंद्रीय मंत्रियों के सहयोग से शुरू हुईं ये 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्बाध कनेक्टिविटी और तीव्र आर्थिक प्रगति के एक नए अध्याय की आधारशिला साबित होंगी।
अब मात्र 45 से 50 मिनट में तय होगा लखनऊ-कानपुर का सफर
लखनऊ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय में भारी कमी आएगी। उन्होंने एक्स (X) पर अपने दौरे की जानकारी देते हुए लिखा, “आज मैं अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के दौरे पर रहूँगा, जहाँ मैं लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में शामिल हूँगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से अब लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर महज 45 से 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। निश्चित रूप से यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए बेहद सुविधाजनक और समय बचाने वाला साबित होगा।” अपने इस दौरे के दौरान रक्षा मंत्री लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और उन्नाव प्रशासन की मुस्तैदी
चूंकि इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का एक बहुत बड़ा हिस्सा उन्नाव जिले से होकर गुजरता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ने इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। उन्नाव के पुलिस अधीक्षक (SP) जय प्रकाश सिंह ने मीडिया को बताया कि तीन बेहद महत्वपूर्ण वीवीआईपी (VIPs)—रक्षा मंत्री, केंद्रीय परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री—के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए सभी आवश्यक स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षाकर्मियों को विशेष ब्रीफिंग दी गई।
अंतरराज्यीय संपर्क और व्यापार को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, यह कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे न केवल दो शहरों के बीच यात्रा को तेज, सुगम और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पड़ोसी राज्यों और देशों के साथ भी मजबूती से जोड़ेगा।
- पश्चिमी और मध्य भारत से जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे झांसी और आगरा रूट के माध्यम से मध्य प्रदेश, राजस्थान और देश की राजधानी दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात को और आसान बनाएगा।
- पूर्वी भारत और नेपाल से संपर्क: प्रयागराज-वाराणसी कॉरिडोर के जरिए यह एक्सप्रेसवे बिहार और पड़ोसी देश नेपाल की ओर कनेक्टिविटी को काफी बेहतर करेगा।
इसके साथ ही, यह एक्सप्रेसवे लखनऊ एयरपोर्ट (अमौसी हवाई अड्डे) और शहर की मुख्य शहरी जीवन रेखा ‘शहीद पथ’ तक सीधी, तेज और निर्बाध पहुंच प्रदान करेगा, जिससे दैनिक यात्रियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।