ITC FMCG Strategy: 2035 तक 8 लाख करोड़ के पैकेज्ड-गुड्स बाजार पर ITC की नजर, इन प्रोडक्ट्स पर बढ़ा फोकस

ITC FMCG Strategy: 2035 तक 8 लाख करोड़ के पैकेज्ड-गुड्स बाजार पर ITC की नजर, इन प्रोडक्ट्स पर बढ़ा फोकस

ITC 2035 तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के पैकेज्ड-गुड्स बाजार में विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी न्यूट्रिशन, प्रीमियम उत्पादों, नए उपभोक्ता वर्गों और AI आधारित ग्राहक विश्लेषण पर जोर दे रही है।

भारत के तेजी से बदलते कंज्यूमर मार्केट में ITC अपनी FMCG रणनीति को लगातार विस्तार दे रही है। कंपनी की नजर ऐसे बाजार पर है, जिसके 2035 तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इस बड़े अवसर को देखते हुए ITC अपने मौजूदा FMCG पोर्टफोलियो का विस्तार करने के साथ-साथ न्यूट्रिशन-केंद्रित खाद्य उत्पादों, प्रीमियम प्रोडक्ट्स और नए उपभोक्ता वर्गों पर फोकस बढ़ा रही है। कंपनी की रणनीति में आटा और बिस्कुट जैसी स्थापित श्रेणियों के साथ-साथ प्रोटीन आधारित उत्पाद, हाई-फाइबर ब्रेकफास्ट सीरियल और नए दौर के ब्रांड शामिल हैं।

बदलती उपभोक्ता पसंद के अनुसार रणनीति

ITC के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पुरी ने 2026 की वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी की FMCG रणनीति और भारतीय उपभोक्ता बाजार में हो रहे बदलावों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि प्रीमियमाइजेशन, उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताएं, डिजिटल माध्यमों तक बढ़ती पहुंच और युवा उपभोक्ता वर्ग का उभरना देश के कंज्यूमर लैंडस्केप को बदल रहा है।

कंपनी के लिए इसका मतलब केवल पारंपरिक FMCG उत्पादों की बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि अलग-अलग जरूरतों और उपभोक्ता वर्गों के लिए नए उत्पाद विकसित करना भी है। सुविधा, पोषण और प्रीमियम गुणवत्ता की मांग बढ़ने के साथ ITC अपने खाद्य कारोबार में इन क्षेत्रों को अधिक महत्व दे रही है।

FY26 में 37,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा FMCG खर्च

संज संजीव पुरी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में ITC के FMCG पोर्टफोलियो से जुड़े उपभोक्ता खर्च का आंकड़ा करीब 37,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी द्वारा 2035 तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के एड्रेसेबल पैकेज्ड-गुड्स बाजार का अनुमान इस क्षेत्र में ITC की दीर्घकालिक संभावनाओं को दर्शाता है।

ITC का लक्ष्य इस संभावित बाजार में अपनी मौजूदगी को अलग-अलग खाद्य श्रेणियों और उपभोक्ता समूहों में मजबूत करना है। कंपनी पारंपरिक उत्पादों के साथ नए उपभोग अवसरों को भी टारगेट कर रही है, ताकि बदलती जीवनशैली के अनुरूप अपने पोर्टफोलियो को तैयार किया जा सके।

प्रोटीन और न्यूट्रिशन पर बढ़ा जोर

ITC की मौजूदा रणनीति में न्यूट्रिशन-केंद्रित उत्पाद एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। कंपनी के प्रमुख ब्रांड Aashirvaad ने High Protein Atta पेश किया है। वहीं Yoga Bar पहले से ही प्रोटीन आधारित उत्पादों के क्षेत्र में अपना पोर्टफोलियो विकसित कर रहा है।

Sunfeast ने भी प्रोटीन युक्त ब्रेकफास्ट विकल्पों पर ध्यान बढ़ाया है। इसके अलावा कंपनी का Right Shift ब्रांड 40 वर्ष से अधिक उम्र के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस रेंज के उत्पादों में प्रोटीन, फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे पोषण संबंधी तत्वों को शामिल करने पर जोर दिया गया है।

इस तरह ITC पारंपरिक खाद्य श्रेणियों में ही न्यूट्रिशन संबंधी जरूरतों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं तक पहुंचना है जो रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों के साथ बेहतर पोषण संबंधी विकल्प भी तलाश रहे हैं।

आटा, बिस्कुट और ब्रेकफास्ट सेगमेंट में विस्तार

ITC का FMCG पोर्टफोलियो काफी व्यापक है और कंपनी अलग-अलग श्रेणियों में नए विकल्प जोड़ रही है। Aashirvaad के तहत Millet Flour और Multigrain Flour जैसे उत्पाद मौजूद हैं। Sunfeast के पोर्टफोलियो में Farmlite biscuits शामिल हैं, जबकि Yoga Bar हाई-फाइबर ब्रेकफास्ट सीरियल के क्षेत्र में सक्रिय है।

इसके अलावा 24 Mantra Organic के माध्यम से कंपनी ऑर्गेनिक खाद्य उत्पादों की श्रेणी में भी मौजूदगी रखती है। इन सभी उत्पादों को एक साथ देखें तो ITC का फोकस केवल किसी एक खाद्य श्रेणी पर नहीं, बल्कि अलग-अलग उपभोग अवसरों और उपभोक्ता जरूरतों को कवर करने पर है।

प्रीमियमाइजेशन से बढ़ेगा कारोबार

भारतीय उपभोक्ता बाजार में प्रीमियम उत्पादों की मांग बढ़ना ITC की रणनीति का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रीमियमाइजेशन का अर्थ ऐसे उत्पादों की ओर बढ़ना है जिनमें बेहतर गुणवत्ता, विशेष पोषण संबंधी खूबियां या अतिरिक्त सुविधाएं शामिल हों।

ITC इस बदलाव को अपने FMCG पोर्टफोलियो के विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है। कंपनी स्थापित ब्रांडों में नए उत्पाद और वैरिएंट जोड़ने के साथ नए दौर के ब्रांडों को भी अपने पोर्टफोलियो का हिस्सा बना रही है।

AI से समझेगी उपभोक्ताओं की जरूरत

ITC की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित कंज्यूमर इनसाइट इकोसिस्टम भी विकसित किया है। इसके जरिए कंपनी उपभोक्ताओं को अलग-अलग आधारों पर माइक्रो-सेगमेंट करने में सक्षम हो रही है।

इसमें उपभोक्ताओं की जीवन अवस्था, जीवनशैली, खरीदारी के चैनल, अलग-अलग उपभोग अवसर और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है। AI आधारित यह व्यवस्था कंपनी को उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को समझने और उनके अनुरूप उत्पाद विकसित करने में मदद कर सकती है।

FMCG बाजार में लंबी अवधि की तैयारी

ITC की रणनीति से स्पष्ट है कि कंपनी भारतीय FMCG बाजार में लंबी अवधि के अवसरों को ध्यान में रखकर अपना पोर्टफोलियो तैयार कर रही है। एक ओर जहां Aashirvaad और Sunfeast जैसे स्थापित ब्रांडों में नए उत्पाद जोड़े जा रहे हैं, वहीं Yoga Bar और 24 Mantra Organic जैसे ब्रांडों के जरिए नए उपभोक्ता वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश है।

न्यूट्रिशन, प्रीमियम उत्पाद, डिजिटल पहुंच और युवा उपभोक्ताओं की बदलती पसंद आने वाले वर्षों में FMCG बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक हो सकते हैं। ऐसे में ITC का 2035 तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के संभावित पैकेज्ड-गुड्स बाजार पर ध्यान कंपनी की दीर्घकालिक FMCG महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

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