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इंडिगो फ्लाइट बम की धमकी, बेंगलुरु अहमदाबाद फ्लाइट लेट, केम्पेगौड़ा हवाई अड्डा सुरक्षा, विमान के वॉशरूम में बम की चिट, हॉक्स थ्रेट कॉल, इंडिगो एयरलाइंस एफआईआर, भारत में बम की झूठी धमकियां।
भारत में विमानों और सार्वजनिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का है, जहां के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गुजरात के अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने को तैयार इंडिगो (IndiGo) की एक फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान के वॉशरूम में एक धमकी भरी चिट (पर्ची) बरामद हुई। इस चिट में लिखा था कि जहाज में बम है। इस संवेदनशील जानकारी के सामने आते ही विमान के क्रू मेंबर्स, सुरक्षा एजेंसियों और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की गई सघन जांच के बाद विमान में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और यह धमकी महज एक कोरी अफवाह (हॉक्स कॉल) साबित हुई। इंडिगो एयरलाइंस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
वॉशरूम में मिली हाथ से लिखी चिट: “Dont Go Bomb Hai Please”
यह पूरी घटना गुरुवार की रात की है। जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की यह फ्लाइट (बेंगलुरु से अहमदाबाद) रात लगभग 8:00 बजे अपने प्रस्थान के लिए पूरी तरह तैयार थी। यात्री विमान में सवार होने ही वाले थे कि तभी रूटीन प्रक्रिया के तहत विमान की अंतिम सफाई और सुरक्षा जांच चल रही थी। इसी दौरान सफाई में लगे एक कर्मचारी की नजर विमान के वॉशरूम में पड़ी एक छोटी सी चिट पर गई।
जब कर्मचारी ने उस पर्ची को उठाकर देखा, तो उस पर हाथ से एक डराने वाला संदेश लिखा हुआ था। चिट पर अंग्रेजी और हिंदी के मिले-जुले शब्दों में लिखा था— “Dont Go Bomb Hai Please” (मत जाओ, बम है प्लीज)। कर्मचारी ने तुरंत इसकी सूचना विमान के पायलट और इन-फ्लाइट क्रू को दी, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
सघन तलाशी अभियान और विमान की रवानगी में देरी
बम की लिखित धमकी मिलते ही एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) तुरंत एक्शन मोड में आ गए। एहतियात के तौर पर विमान को तुरंत एक सुरक्षित और सुनसान बे (आइसोलेशन बे) में ले जाया गया। सुरक्षा नियमों के तहत विमान के कोने-कोने की बारीकी से जांच की गई। खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) और अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर्स की मदद से पूरे विमान, यात्रियों के केबिन और कार्गो होल्ड को खंगाला गया।
कई घंटों तक चले इस सघन तलाशी अभियान के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली, क्योंकि विमान के भीतर कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इसे एक ‘हॉक्स थ्रेट’ (झूठी धमकी) घोषित कर दिया। हालांकि, इस पूरी सुरक्षा कवायद और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण विमान की उड़ान में काफी देरी हुई, जिससे अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
इंडिगो ने दर्ज कराई एफआईआर, आरोपी की तलाश जारी
इंडिगो एयरलाइंस ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। एयरलाइंस के प्रवक्ता के मुताबिक, यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। कंपनी ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में अज्ञात शरारती तत्व के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विमानन सुरक्षा से जुड़ी प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह चिट वॉशरूम में किसने और कब रखी। इसके लिए विमान के ग्राउंड स्टाफ, सफाईकर्मियों और उस विमान से यात्रा करने वाले पिछले यात्रियों की सूची और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एयरलाइंस का कहना है कि विमानन क्षेत्र को बाधित करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत न करे।
देश में लगातार बढ़ रहे हैं हॉक्स थ्रेट के मामले: एक गंभीर चिंता
पिछले कुछ समय से भारत के विभिन्न राज्यों में विमानों, स्कूलों, अस्पतालों, अदालतों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की झूठी धमकियां (हॉक्स कॉल) देने के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठीक इसी तरह की एक घटना पिछले महीने भी सामने आई थी, जब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दिल्ली के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले इंडिगो की ही एक अन्य फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय विमान में 180 यात्री सवार थे और वहां भी टॉयलेट में मिले एक टिश्यू पेपर पर बम की बात लिखी हुई थी, जो बाद में झूठी निकली।
सिर्फ विमान ही नहीं, बल्कि हाल के दिनों में नोएडा के डीएम ऑफिस, देश की ऐतिहासिक धरोहर लाल किले, अजमेर कोर्ट, मुंबई के मेयर कार्यालय और लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण पर्यटन और सरकारी स्थलों को ईमेल, फोन कॉल या पत्र के जरिए उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। ये बढ़ती घटनाएं न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन चुकी हैं, बल्कि इससे देश के संसाधनों और समय का भी भारी नुकसान हो रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय अब ऐसे फर्जी कॉल करने वालों पर नकेल कसने के लिए कड़े कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं।