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अमेरिकी टेक दिग्गज की आईबीएम ओर से कमजोर रेवेन्यू गाइडेंस आने के बाद आज भारतीय आईटी शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। Infosys 1.22% टूटा, जबकि HCL Tech में तेजी रही।
बुधवार के कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटे में भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में घरेलू आईटी (Information Technology) कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी मार्केट से मिले कमजोर ग्लोबल संकेतों और दिग्गज टेक कंपनी आईबीएम (IBM) के शेयरों में ओवरनाइट (रातों-रात) आई भारी गिरावट के चलते भारतीय आईटी इंडेक्स लाल निशान में आ गया। आईबीएम के निराशाजनक नतीजों ने वैश्विक स्तर पर कंपनियों द्वारा तकनीकी खर्च (Enterprise Technology Spending) में कटौती की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। इसके चलते टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), टेक महिंद्रा और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर सुबह के सत्र में काफी नीचे ट्रेड करते नजर आए। हालांकि, इस चौतरफा गिरावट के बीच केवल एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) ही एक ऐसा शेयर रहा जिसने बाजार की विपरीत धारा में चलते हुए मजबूती दिखाई।
शुरुआती कारोबार में दिग्गज आईटी शेयरों का हाल: इंफोसिस सबसे ज्यादा टूटा
बुधवार सुबह करीब 9:34 बजे बाजार में फ्रंटलाइन आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा मार इंफोसिस पर पड़ी। इंफोसिस का शेयर 1.22% की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर बनकर उभरा। वहीं, देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) में 0.43% की गिरावट दर्ज की गई। विप्रो का शेयर 0.54% और टेक महिंद्रा 0.49% नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 0.21% की सुस्ती देखी गई।
इस गिरावट के बीच एचसीएल टेक (HCL Tech) का शेयर 0.76% की बढ़त के साथ अकेला मजबूत स्तंभ बना रहा। वहीं एलटीआईमाइंडट्री (LTIMindtree) के शेयर में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया और यह बिना किसी उतार-चढ़ाव के फ्लैट ट्रेड कर रहा था।
आखिर क्यों अचानक गिरे आईटी कंपनियों के शेयर?
भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में आई इस गिरावट के पीछे की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) से आ रही एक बुरी खबर है। अमेरिकी टेक दिग्गज आईबीएम (IBM) के शेयर रातों-रात करीब 25% तक टूट गए। आईबीएम द्वारा जारी किए गए कमजोर रेवेन्यू गाइडेंस (Disappointing Revenue Guidance) और कॉर्पोरेट कंपनियों के बदलते खर्च के पैटर्न ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है।
आईबीएम ने संकेत दिए हैं कि बड़ी कंपनियां अब एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और नए आईटी प्रोजेक्ट्स पर होने वाले अपने खर्चों को टाल रही हैं या उनमें कटौती कर रही हैं। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों (जैसे TCS, Infosys, Wipro) की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से आता है, इसलिए आईबीएम की इस चेतावनी का सीधा और नकारात्मक असर भारतीय आईटी सेक्टर के सेंटिमेंट पर देखने को मिला है।
निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT) पर पड़ा बुरा असर
इस चौतरफा बिकवाली के कारण एनएसई (NSE) का सेक्टोरल इंडेक्स निफ्टी आईटी (Nifty IT) सुबह करीब 9:35 बजे 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,532.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट से टेक खर्च को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक भारतीय आईटी शेयरों में ऊपरी स्तरों पर दबाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रुख अपनाने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही बने रहने की सलाह दी जा रही है।