भारत बना परमाणु ऊर्जा का ‘सुपरपावर’: रूस के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फास्ट ब्रीडर रिएक्टर अब भारत में

भारत बना परमाणु ऊर्जा का 'सुपरपावर': रूस के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फास्ट ब्रीडर रिएक्टर अब भारत में

रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा देश बना जो व्यावसायिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करेगा। जानें कलपक्कम के 500 मेगावाट PFBR की विशेषताएं और भारत के परमाणु मिशन पर इसका प्रभाव।

भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को घोषणा की कि रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बनने जा रहा है जो व्यावसायिक स्तर पर फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) का संचालन करेगा।

यह उपलब्धि तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित 500 मेगावाट (MWe) के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के माध्यम से हासिल हुई है। इस रिएक्टर ने 6 अप्रैल को अपनी पहली ‘क्रिटिकैलिटी’ (सफलतापूर्वक संचालन की स्थिति) प्राप्त कर ली थी।

भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम का दूसरा पड़ाव

यह रिएक्टर भारत के महत्वाकांक्षी तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड ईंधन का उपयोग करता है। यह तकनीक इतनी उन्नत है कि यह रिएक्टर जितना ईंधन खपत करता है, उससे कहीं अधिक ईंधन पैदा (Produce) करता है।

मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस सफलता के साथ ही भारत अब अपनी परमाणु रणनीति के तीसरे चरण की ओर मजबूती से बढ़ रहा है, जहाँ भारत में उपलब्ध थोरियम के विशाल भंडार का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

वैश्विक मंच पर भारत का दबदबा

वर्तमान में केवल रूस ही दुनिया का एकमात्र देश है जो व्यावसायिक स्तर पर फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का संचालन कर रहा है। हालांकि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, जर्मनी और चीन जैसे देशों ने भी इस तकनीक पर काम किया है, लेकिन उनके अधिकांश कार्यक्रम अब बंद हो चुके हैं।

सिंह ने सांसदों और विधायकों की एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, “फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक में केवल मुट्ठी भर देशों ने ही प्रगति की है। यह उपलब्धि भारत को उन्नत परमाणु क्षमता वाले देशों की विशिष्ट श्रेणी में खड़ा करती है।”

2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य

भारत ने अपनी स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए परमाणु ऊर्जा को केंद्र में रखा है। सरकार का लक्ष्य साल 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर न केवल बिजली उत्पादन में सहायक होगा, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा।

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