आईआईटी दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 118वीं रैंक हासिल की। संस्थान की इस उपलब्धि और प्रमुख सुधारों के बारे में विस्तार से पढ़ें।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है। 18 जून, 2026 को घोषित ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027’ में आईआईटी दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व स्तर पर 118वीं रैंक हासिल की है। पिछले वर्ष संस्थान 123वें स्थान पर था, यानी इस वर्ष इसमें 5 स्थानों का उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा QS रैंकिंग में अब तक की सर्वोच्च रैंकिंग की बराबरी है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो आईआईटी दिल्ली ने अभूतपूर्व प्रगति की है। संस्थान 2024 में 197वें स्थान पर था और महज चार वर्षों के भीतर 79 पायदान ऊपर चढ़कर 118वें स्थान तक पहुंचना इसकी निरंतर शोध और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार को दर्शाता है।
रैंकिंग में सुधार के प्रमुख संकेतक
आईआईटी दिल्ली की इस सफलता के पीछे कई प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (Performance Indicators) रहे हैं। संस्थान का ‘एम्प्लॉयर रेपुटेशन’ (Employer Reputation) सूचकांक 11 स्थान ऊपर उठकर अब वैश्विक स्तर पर 39वें स्थान पर पहुंच गया है। यह सूचकांक यह मापता है कि वैश्विक नियोक्ता संस्थानों के स्नातकों को नौकरी के लिए कितना उपयुक्त मानते हैं। इसके अलावा, ‘एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स’ (Employment Outcomes) इंडिकेटर में संस्थान ने 60 स्थानों की लंबी छलांग लगाई है। यह संकेतक छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने और भविष्य के नेतृत्वकर्ता तैयार करने की क्षमता का मापन करता है।
शोध की गुणवत्ता के संदर्भ में भी संस्थान का प्रदर्शन शानदार रहा है। ‘सिटेशन्स पर फैकल्टी’ (Citations per Faculty) इंडिकेटर में आईआईटी दिल्ली 26 स्थान ऊपर चढ़ा है। यह मेट्रिक प्रति फैकल्टी सदस्य शोध पत्रों के उद्धरणों की संख्या को मापता है, जो संस्थान द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रभाव और गुणवत्ता का एक मानक माना जाता है। मार्च 2026 में घोषित ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट’ में भी आईआईटी दिल्ली ने अपनी धाक जमाई थी। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, केमिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग जैसे विषय वैश्विक स्तर पर टॉप 50 में शामिल रहे। साथ ही, ‘इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ श्रेणी में संस्थान ने वैश्विक स्तर पर 36वीं रैंक प्राप्त कर भारत का मान बढ़ाया है।
संस्थान का दृष्टिकोण और भविष्य की राह
इस सफलता पर टिप्पणी करते हुए आईआईटी दिल्ली के डीन (प्लानिंग) और रैंकिंग सेल के प्रमुख, प्रो. सोमनाथ वैद्य रॉय ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य विश्व-स्तरीय और किफायती तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैंकिंग संस्थान का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह संस्थान द्वारा किए गए सही कार्यों का एक सुखद परिणाम है। उन्होंने कहा, “आईआईटी दिल्ली विश्व-स्तरीय शिक्षा देने और दुनियाभर के विद्वानों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा नया पाठ्यक्रम, आधुनिक बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव आने वाले वर्षों में हमारी गुणवत्ता और प्रभाव को और अधिक बढ़ाएंगे।”
आईआईटी दिल्ली की यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए, बल्कि भारत के उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी एक मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि भारतीय शैक्षणिक संस्थान वैश्विक मानकों के अनुरूप न केवल अपनी शिक्षण पद्धति में सुधार कर रहे हैं, बल्कि नवाचार और शोध के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। कैंपस में अंतरराष्ट्रीय छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बढ़ते अवसरों और उद्योग-अकादमिक साझेदारी के चलते आईआईटी दिल्ली आने वाले समय में विश्व के शीर्ष संस्थानों की सूची में और बेहतर स्थिति बनाने की ओर अग्रसर है। यह निरंतर सुधार की प्रक्रिया इस विश्वास को पुख्ता करती है कि भारत तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता है।