हरियाणा में श्रमिकों के लिए तकनीक आधारित ‘सुरक्षा कवच’: ई-श्रम पोर्टल पर 54 लाख से अधिक पंजीकरण, मिल रही ₹1100 की प्रोत्साहन राशि

हरियाणा में श्रमिकों के लिए तकनीक आधारित 'सुरक्षा कवच': ई-श्रम पोर्टल पर 54 लाख से अधिक पंजीकरण, मिल रही ₹1100 की प्रोत्साहन राशि

हरियाणा में 54.32 लाख श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत। सरकार दे रही है ₹1100 की प्रोत्साहन राशि। तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से श्रमिकों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ।

हरियाणा सरकार प्रदेश के श्रमिक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक ऐसी पारदर्शी और सरल व्यवस्था विकसित की है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा श्रमिकों तक बिना किसी बाधा के पहुंच रहा है। डिजिटल सशक्तिकरण की इस मुहिम के चलते आज हरियाणा के लाखों श्रमिक मुख्यधारा से जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं।

ई-श्रम पोर्टल: 54 लाख से अधिक श्रमिकों का भरोसा

हरियाणा सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में राज्य के 54.32 लाख श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। यह पोर्टल असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक व्यापक डेटाबेस के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे उन्हें आपदा या आवश्यकता के समय त्वरित सहायता प्रदान की जा सके। इसके अतिरिक्त, संगठित क्षेत्र में भी सरकार की पकड़ मजबूत हुई है, जहाँ 4.5 लाख प्रतिष्ठानों के 33.58 लाख श्रमिक आधिकारिक तौर पर पंजीकृत हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि हरियाणा का श्रम विभाग हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहा है।

श्रमिकों को ₹1100 की प्रोत्साहन राशि और सीधी मदद

श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने पंजीकरण प्रक्रिया को केवल डेटा संग्रह तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे वित्तीय लाभ से भी जोड़ा है। पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले श्रमिक भाई-बहनों को ₹1100 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। यह राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है, जो उनके शुरुआती सहयोग और सरकारी तंत्र पर उनके विश्वास को सुदृढ़ करती है।

तकनीक से सुगम हुआ योजनाओं का लाभ

हरियाणा सरकार द्वारा विकसित ‘तकनीक आधारित व्यवस्था’ का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब श्रमिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। पेंशन, बीमा और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ अब ई-गवर्नेंस के माध्यम से सीधे उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य ‘अंतिम व्यक्ति’ तक पहुंच बनाना है, ताकि निर्माण कार्य, कृषि और अन्य असंगठित क्षेत्रों में लगे मेहनतकश नागरिकों को उनके अधिकार सम्मान के साथ मिल सकें।

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