पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हरिवंश को लगातार तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने इसे उनकी सत्यनिष्ठा का सम्मान बताया।
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को हरिवंश जी को लगातार तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी। धनखड़ ने इस उपलब्धि को हरिवंश जी की सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए एक उपयुक्त सम्मान बताया। गौरतलब है कि राज्यसभा के इतिहास में यह एक अभूतपूर्व अवसर है जब कोई सदस्य लगातार तीसरी बार इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन हुआ है।
सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक सेवा का सम्मान
हरिवंश जी को लिखे एक पत्र में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह पुन: निर्वाचन उनकी ईमानदारी और कर्मठता का प्रमाण है। धनखड़, जो पिछले वर्ष जुलाई में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा के पदेन सभापति थे, ने कहा कि यह जीत उस भरोसे और विश्वास को दर्शाती है जो हरिवंश जी ने सदन के भीतर अर्जित किया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक नामांकित सदस्य के लिए इस पद पर लगातार तीसरी बार चुना जाना अपने आप में ऐतिहासिक है।
एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कार्यकाल
अपने पत्र में धनखड़ ने लिखा, “राज्यसभा के लिए आपके नामांकन और उपसभापति के रूप में आपके सर्वसम्मत निर्वाचन पर आपको हार्दिक बधाई। लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना अभूतपूर्व है, विशेष रूप से एक नामांकित सदस्य के रूप में। यह वास्तव में आपकी ईमानदारी और सार्वजनिक सेवा के प्रति आपके समर्पण के लिए एक उचित श्रद्धांजलि है।”
भरोसे और नेतृत्व का प्रतीक
हरिवंश जी का निर्विरोध और सर्वसम्मत निर्वाचन सदन में उनकी स्वीकार्यता और उनके निष्पक्ष संचालन की क्षमता को रेखांकित करता है। पूर्व उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि हरिवंश जी का अनुभव और नेतृत्व आने वाले समय में उच्च सदन की गरिमा को और बढ़ाएगा। यह खबर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी नामांकित सदस्य ने उपसभापति के रूप में इतने लंबे समय तक सदन का नेतृत्व करने का गौरव प्राप्त किया है।