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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उम्मीद जताई कि एक साल में विदेशी पर्यटकों की संख्या कोरोना से पहले के स्तर पर पहुंच जाएगी। सरकार हाई-एंड टूरिज्म, पर्यटकों की सुरक्षा, टैक्सी सेवाओं और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
कोरोना महामारी के बाद दुनियाभर में पर्यटन क्षेत्र को बड़ा झटका लगा था। अब गोवा में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को उम्मीद जताई कि राज्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या अगले एक साल के भीतर कोरोना महामारी से पहले के स्तर पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि गोवा सरकार का लक्ष्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य में उनके ठहरने की अवधि को लंबा करना भी है। इसके लिए सरकार पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, उच्चस्तरीय पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवहन सेवाओं में सुधार करने पर ध्यान दे रही है।
एक साल में सामान्य हो सकती है विदेशी पर्यटकों की संख्या
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने वर्ष 2025 में गोवा आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या को लेकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि विदेशी पर्यटकों की आमद अभी तक कोरोना महामारी से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि अगले एक साल के भीतर स्थिति में सुधार हो सकता है।
सावंत ने कहा कि विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी पूर्व-महामारी के स्तर के अनुरूप नहीं है, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि एक साल के भीतर यह स्तर हासिल कर लिया जाएगा। सरकार पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर रही है, जिससे गोवा आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
हाई-एंड टूरिज्म पर सरकार का विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोवा सरकार अब ऐसे पर्यटकों को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दे रही है, जो राज्य में अधिक समय बिताना चाहते हैं और बेहतर सुविधाओं के लिए खर्च करने को तैयार हैं। सरकार की रणनीति के तहत उच्चस्तरीय पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए होटल, परिवहन, पर्यटक सुविधाओं और अन्य जरूरी सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
प्रमोद सावंत ने थाईलैंड और वियतनाम जैसे पर्यटन स्थलों का उदाहरण देते हुए कहा कि हर देश की अपनी मार्केटिंग रणनीति होती है। गोवा में सरकार का जोर अधिक से अधिक उच्चस्तरीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में नए पांच सितारा होटलों की मांग लगातार बढ़ रही है। यह पर्यटन क्षेत्र में बेहतर सुविधाओं की जरूरत और संभावनाओं को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, गोवा में मिलने वाली सुविधाएं और सुरक्षा का एहसास पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाते हैं। सरकार चाहती है कि पर्यटक यहां केवल घूमने के लिए न आएं, बल्कि लंबे समय तक रुककर राज्य की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और अन्य आकर्षणों का आनंद भी लें।
सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रचार को लेकर जताई चिंता
पर्यटन के पीक सीजन से पहले गोवा की सड़कों, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आने वाली नकारात्मक खबरों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गोवा से पर्यटन को दूसरे स्थानों की ओर मोड़ने के उद्देश्य से इस तरह का प्रचार कर रहे हैं।
सावंत ने कहा कि सरकार इस मामले का गहराई से अध्ययन कर रही है और केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर गोवा को निशाना बनाने की कोशिशें होती रहती हैं।
उन्होंने नवंबर और दिसंबर को गोवा के पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान क्रिसमस, अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और कई अन्य आयोजनों के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक राज्य पहुंचते हैं। नए साल का जश्न मनाने के लिए भी देश के विभिन्न हिस्सों से लोग गोवा आते हैं। ऐसे में सरकार के सामने पर्यटन सीजन के दौरान सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की चुनौती रहती है।
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पिंक फोर्स तैनात
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पर्यटकों की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया। टैक्सी चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने और पर्यटकों के कथित शोषण की शिकायतों के बीच उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकों की सहायता के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है, जिसे पिंक फोर्स और अतिरिक्त पर्यटक बल के रूप में बताया गया।
सावंत ने कहा कि पर्यटक किसी परेशानी की स्थिति में 181, 112 या 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उनके अनुसार, पुलिस को शिकायत मिलने पर निर्धारित समय में मौके पर पहुंचने के निर्देश हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर पर्यटकों को तुरंत सहायता मिल सके।
टैक्सी सेवाओं के डिजिटलीकरण की तैयारी
गोवा में टैक्सी किराए को लेकर लंबे समय से उठने वाली शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गोवा माइल्स जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं। सरकार बाकी टैक्सी संचालकों को भी डिजिटल मीटर व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल मीटर व्यवस्था लागू होने से टैक्सी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, गोवा डिजिटल टैक्सी सेवा भी जल्द शुरू करने की योजना है। सरकार का उद्देश्य पर्यटकों को उचित किराए पर परिवहन उपलब्ध कराना और टैक्सी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को कम करना है।
इसके अलावा, हवाई अड्डे से विभिन्न पर्यटन स्थलों तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी शुरू की गई है। सावंत ने बताया कि कदंबा परिवहन व्यवस्था के माध्यम से पर्यटक हवाई अड्डे से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकते हैं। इससे यात्रियों को किफायती परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।
समुद्र तटों के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा
गोवा अपनी खूबसूरत समुद्री तटों, रेत और समुद्र के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हालांकि, राज्य सरकार अब पर्यटन को केवल समुद्र तटों तक सीमित नहीं रखना चाहती। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोवा के अंदरूनी क्षेत्रों में स्थित मंदिरों, चर्चों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि पर्यटक गोवा के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा करें और यहां की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानें।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने दोहराया कि गोवा में प्राकृतिक वातावरण, पर्यटकों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। विदेशी पर्यटकों की संख्या को कोरोना से पहले के स्तर तक पहुंचाने और राज्य में पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे, होटल, परिवहन और पर्यटन स्थलों के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।