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दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जाफराबाद प्ले स्कूल मामले में स्कूल सील करने और स्कूल बसों की निगरानी बढ़ाने के आदेश।
दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। राजधानी में हाल के दिनों में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार और यौन अपराध से जुड़े सामने आए मामलों के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निजी डे-केयर, प्ले स्कूल और स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।
जाफराबाद के प्ले स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची से कथित दुर्व्यवहार
दिल्ली के जाफराबाद इलाके में एक निजी प्ले स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्कूल को सील करने का निर्देश दिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में प्ले स्कूल में काम करने वाली एक महिला अटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर एक महिला को बच्ची के साथ मारपीट करते हुए देखा गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक अन्य महिला को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। घटना ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
बच्ची के परिवार को हरसंभव कानूनी सहायता का भरोसा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी संस्था में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की निगरानी तेज कर दी है। स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की भूमिका और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
बवाना में तीन वर्षीय बच्ची से कथित यौन शोषण पर भी चिंता
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के बवाना इलाके में सामने आए एक अन्य मामले पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। यहां तीन वर्षीय नर्सरी छात्रा के साथ स्कूल बस चालक से जुड़े कथित यौन शोषण के मामले ने स्कूल परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
रेखा गुप्ता ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि बस चालकों, परिचालकों और अन्य बस कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनका कड़ाई से सत्यापन किया जाए। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को बस कर्मचारियों की गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल पहुंचाने और वापस लाने वाली परिवहन व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
दिल्ली-NCR में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला
दिल्ली-NCR में 16 वर्षीय किशोरी से चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी मुख्यमंत्री की चिंता का विषय बना है। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने मदद के लिए बस के चालक और परिचालक से संपर्क किया था। आरोप है कि इसके बाद परिचालक ने उसके साथ अश्लील हरकत की और बाद में चालक तथा परिचालक ने उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
बताया गया कि बस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय की। देर रात आरोपियों ने किशोरी को कश्मीरी गेट टर्मिनल के पास रिंग रोड के नजदीक उतार दिया और वहां से फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्लीपर बस को ट्रेस कर जब्त किया और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा। मामले में दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
बसों की GPS निगरानी पर विचार, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली-NCR में बसों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए सार्वजनिक और निजी बसों में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने राजधानी में प्रवेश करने वाली बसों की GPS आधारित निगरानी की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही है। इससे बसों की आवाजाही पर नजर रखने, किसी आपात स्थिति में वाहन की लोकेशन पता करने और पुलिस की प्रतिक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।
बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर होगी जवाबदेही
लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है कि स्कूल, डे-केयर सेंटर और बस संचालन से जुड़े संस्थानों को बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित सभी मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। कर्मचारियों का सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, स्कूल बसों की नियमित जांच और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई जैसे कदमों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है।
दिल्ली सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासनिक लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील मामलों में तेज कार्रवाई के साथ पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर स्कूलों, डे-केयर सेंटरों और सार्वजनिक परिवहन में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है।