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दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच में रचा इतिहास। 5 विकेट लेकर बनीं टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे सफल गेंदबाज। जानें मैच की खास बातें।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने रविवार, 14 जून को एजबेस्टन के मैदान पर इतिहास रच दिया। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के अपने शुरुआती मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ दीप्ति ने न केवल शानदार गेंदबाजी की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट (WT20Is) में सबसे अधिक विकेट लेने वाली दुनिया की पहली गेंदबाज भी बन गईं। उन्होंने थाईलैंड की स्पिनर थिपत्चा पुत्थावोंग के 165 विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 166 विकेट का आंकड़ा छुआ। उन्होंने यह कारनामा महज 19.42 की बेहतरीन औसत और 6.29 की शानदार इकोनॉमी रेट के साथ अंजाम दिया। दीप्ति का 10 रन देकर 5 विकेट लेना टूर्नामेंट के इतिहास का तीसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ी
दीप्ति शर्मा की गेंदबाजी पाकिस्तान की पूरी टीम पर हावी रही। उन्होंने अपनी फिरकी के जाल में पाकिस्तानी बल्लेबाजों को इस कदर फंसाया कि वे संभलने का मौका ही नहीं ढूंढ पाईं। दीप्ति को उनकी पहली सफलता गुल फिरोजा के रूप में मिली, जिन्होंने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की लेकिन बैकवर्ड पॉइंट पर कैच दे बैठीं। इसके तुरंत बाद, अपने अगले ही ओवर में दीप्ति ने आयशा जफर को शॉर्ट फाइन लेग पर स्मृति मंधाना के हाथों कैच करवाकर पवेलियन भेजा। दीप्ति ने दबाव बनाने और फिर विकेट हासिल करने की अपनी रणनीति का बखूबी पालन किया।
अंत में ‘पंजा’ मारकर जीत पक्की की
मैच के बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करने के बाद, दीप्ति ने पारी के अंत में कहर बरपाया। उन्होंने खतरनाक दिख रही आलिया रियाज को एक धीमी और फुल लेंथ गेंद पर डीप मिडविकेट पर जेमिमा रोड्रिग्स के हाथों कैच कराया। ठीक दो गेंद बाद, तस्मिया रुबाब भी उसी अंदाज में पवेलियन लौट गईं। आखिरी ओवर में दीप्ति ने नाशरा संधू को शॉर्ट मिडविकेट पर कप्तान हरमनप्रीत कौर के हाथों कैच कराकर न केवल अपना पांचवां विकेट लिया, बल्कि भारत की जीत पर भी मुहर लगा दी।
मैच के बाद दीप्ति के भावुक बोल
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार लेने के बाद दीप्ति शर्मा बेहद भावुक और आभारी नजर आईं। उन्होंने कहा, “मैं बहुत आभारी हूं। मुझे इस तरह की पिचें बहुत पसंद हैं। इसका सारा श्रेय मेरी टीम को जाता है।” अपनी गेंदबाजी की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिच टर्न ले रही थी, इसलिए उन्होंने हर गेंद और हर ओवर में अपनी गति में बदलाव किया। दीप्ति ने बताया, “मैं जानती थी कि मुझे हवा में थोड़ा धीमा डालना है और सही क्षेत्रों (areas) में गेंदबाजी पर विश्वास रखना है। जब मुझे विकेट नहीं भी मिलते थे, तब भी मैं खुद पर विश्वास रखती थी कि सही समय आने पर मैं टीम के लिए प्रदर्शन जरूर करूंगी।”
दीप्ति शर्मा का भारतीय क्रिकेट में योगदान
दीप्ति शर्मा आज भारतीय महिला क्रिकेट का एक ऐसा स्तंभ हैं जिन पर कप्तान हरमनप्रीत कौर आंख मूंदकर भरोसा करती हैं। बल्लेबाजी में गहराई देने के साथ-साथ गेंदबाजी में उनकी विविधता (variations) उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार करती है। दीप्ति का यह ‘पंजा’ (पांच विकेट) इस बात का संकेत है कि वह वर्ल्ड कप में भारत की खिताबी उम्मीदों की सबसे बड़ी धुरी हैं। उनका शांत स्वभाव और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है।
एजबेस्टन में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ यह मुकाबला दीप्ति शर्मा के नाम रहा। जिस तरह से उन्होंने पाकिस्तान की पारी को ध्वस्त किया, उसने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक स्पिनरों में गिना जाता है। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर इस तरह का व्यक्तिगत कीर्तिमान बनाना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। भारतीय प्रशंसकों को अब उम्मीद है कि दीप्ति का यह जादुई फॉर्म टूर्नामेंट के आगे के मैचों में भी जारी रहेगा और टीम इंडिया को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने में मदद करेगा। इस जीत ने न केवल भारत को शानदार आगाज दिया है, बल्कि टीम के मनोबल को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।