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दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद मिताली राज ने भारतीय महिला टीम को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की सलाह दी है। साथ ही श्री चरानी की जमकर तारीफ की।
भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में छह विकेट की हार से टी20 वर्ल्ड कप जीतना मुश्किल हो गया है। भारतीय टीम ने इस महत्वपूर्ण खेल में हार के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भारी झटका लगा है। भारतीय बल्लेबाजी की महान खिलाड़ी मिताली राज ने इस हार का विश्लेषण करते हुए टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।
बल्लेबाजी क्रम को बदलना चाहिए
मिताली राज का विचार है कि भारतीय टीम को अपनी रणनीति में तत्काल सुधार करना चाहिए। उनका सुझाव था कि कप्तान हरमनप्रीत कौर को नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के बजाय नंबर पांच पर आना चाहिए। “हमने हरमनप्रीत को नंबर-5 पर इतनी देर से बल्लेबाजी करते हुए बहुत कम देखा है,” मिताली ने ‘जियोहॉटस्टार’ से कहा। वह चौथे स्थान पर आती है और जेमिमा रोड्रिग्स पांचवें स्थान पर आती है, तो यह टीम के लिए अच्छा हो सकता है।”
मिताली ने इसका कारण भी बताया। उनका कहना था कि जेमिमा रोड्रिग्स ने पहले भी नंबर पांच पर काफी रन बनाए हैं। जेमिमा को स्पिनरों का सामना करने का मौका हर समय मिलता है, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वह स्कूप और स्वीप शॉट बखूबी खेलती है और पैरों का बेहतर इस्तेमाल करती है। यह उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और टीम को सही लय और मोमेंटम देता है।”
जीत के करीब आते हुए
मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158 रन बनाए, जो पिच के हालात से अनुकूल था। दक्षिण अफ्रीका की मारिजाने कैप ने हालांकि शानदार प्रदर्शन किया। कैप ने महज 45 गेंदों में नाबाद 81 रनों की आतिशी पारी खेलकर मैच को पलट दिया और अंतिम ओवर में अपनी टीम को जीत दिलाई। यह भारत की टूर्नामेंट में पहली हार है, जिसने ग्रुप ए की अंक तालिका को बदल दिया है। भारत को सेमीफाइनल में बने रहने के लिए ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हर बार जीत दर्ज करनी होगी।
देवी चरानी: हार के बावजूद, मिताली राज ने युवा स्पिनर श्री चरानी के प्रदर्शन को एक बड़ा सकारात्मक पक्ष बताया है। मैच में चरानी की गेंदबाजी ने भारत को वापस लाया था। वे एक ओवर में दो विकेट चटकाकर दक्षिण अफ्रीका को 25/2 पर धकेल दिया। उन्होंने बाद में भी एक महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया।
“श्री चरानी बहुत तेजी से सीख रही हैं,” मिताली ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा। वह इंग्लैंड में अपना डेब्यू किया था, इसलिए वह वहाँ की पिचों को समझती है। पिच स्पिनरों को कम सहायता देता था, लेकिन उन्होंने स्टंप्स पर सटीक गेंदबाजी करने पर ध्यान रखा। शानदार फील्ड सेटिंग और विविध गति और लेंथ ने उनका दबाव बनाए रखा।मिताली ने कहा कि चरानी की अनुशासन भरी गेंदबाजी, जिन्होंने ऑफ-स्टंप से बाहर बहुत कम ढीली गेंदे दीं, उनकी सबसे बड़ी खूबी है।
अब सेमीफाइनल की राह कितनी कठिन है?
भारत के पास अब टूर्नामेंट में कोई विकल्प नहीं है। यह मैच जीतने से उन्हें अंक तालिका में पहला स्थान मिलता और सेमीफाइनल में पहुंचना आसान होता। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीतना आवश्यक है। मिताली राज की सलाह और युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन सही होने पर भारतीय टीम अभी भी टूर्नामेंट में वापसी कर सकती है।
अंततः, टीम इंडिया का यह हार एक पुनर्गठन है। अब कप्तान हरमनप्रीत कौर को अपनी रणनीति को फिर से सोचना होगा। युवा खिलाड़ियों को चरानी की तरह निडरता दिखानी होगी, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होगी। टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में लय खोना भारी पड़ सकता है, लेकिन भारतीय टीम का इतिहास दिखाता है कि दबाव में शानदार प्रदर्शन करती है।