AAP विधायक चैतर वसावा ने गुजरात में 56,000 बोगस आदिवासी प्रमाणपत्र रद्द करने की मांग की

AAP विधायक चैतर वसावा ने गुजरात में 56,000 बोगस आदिवासी प्रमाणपत्र रद्द करने की मांग की

AAP विधायक चैतर वसावा ने गुजरात में 56,000 बोगस आदिवासी प्रमाणपत्र रद्द करने, लाभ वापस लेने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। कट-ऑफ रेशियो हटाने की भी अपील।

आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा ने विधानसभा में मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि गुजरात में अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र गैर-आदिवासी लोगों को बोगस तरीके से बनाकर दिए गए हैं, जिनका उपयोग करके ये बोगस आदिवासी शिक्षा में, नौकरी में और कुछ तो राजनीतिक रूप से भी लाभ ले रहे हैं। इस मुद्दे को हमने विधानसभा में उठाया और इस पर चर्चा हुई। गुजरात सरकार की कार्य समिति की रिपोर्ट के अनुसार गिर बरडा आलेच के नेस में रहने वाले लगभग 21913 रबारी, भरवाड़, चारण को विश्लेषण समिति द्वारा मान्यता दिए जाने के बाद उन्हें एसटी के लाभ पाने के पात्र माना गया है, इसके अलावा बाकी के 56000 बोगस एसटी जाति के प्रमाणपत्र गुजरात सरकार द्वारा आरबीसी को दिए गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, इसकी हमने मांग की है। रद्द करने के साथ-साथ जो लोग भी इससे लाभ ले रहे हैं, उन लाभों को भी वापस लिया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, इसकी भी हमने मांग की है।

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विधायक चैतर वसावा ने आगे कहा कि गिर बरडा आलेच के नेस में रहने वालों के अलावा अन्य रबारी, चारण, भरवाड़ या अन्य जाति के लोगों का भी नाम अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल हो गया है। उन्हें हटाने के लिए राज्य सरकार ने तीन साल पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन आज तक उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। हमने सरकार से कहा है कि इस प्रस्ताव को पूरा करने के लिए जो भी कार्रवाई बाकी है, उसे पूरा किया जाए और केंद्र सरकार को इस पर जल्द निर्णय लेने के लिए कहा जाए, यह भी हमारी मांग है। साथ ही गलत जाति प्रमाणपत्रों को रद्द करने के लिए जो भी कानून बनाए गए हैं, उनमें 2018, 2020 और 2022 के संशोधन शामिल हैं, उनका विश्लेषण समिति द्वारा तुरंत उपयोग करके गलत तरीके से प्रमाणपत्र का उपयोग करने वालों को हटाया जाए। चाहे वे राजनीति में हों, शिक्षा में हों या नौकरियों में हों, उनसे सभी लाभ वापस लिए जाएं, यह हमारी मांग है।

विधायक चैतर वसावा ने आगे कहा कि वर्ग 3 की जो गौण सेवा चयन मंडल की भर्तियां होती हैं, उसमें वर्तमान में 2023 में गुजरात सरकार द्वारा परिपत्र जारी कर 40% अंक का कट-ऑफ रेशियो तय किया गया है। इस परिपत्र को रद्द कर कट-ऑफ रेशियो समाप्त किया जाए, यह भी हमारी मांग है। क्योंकि 40% कट-ऑफ रेशियो के कारण आदिवासी लोगों के लिए जो सीटें आरक्षित हैं, वे भर नहीं पाती हैं, जिससे उन सीटों का लाभ आदिवासी लोगों को नहीं मिल पाता। इसलिए इस कट-ऑफ रेशियो को हटाया जाए, यह हमारी मांग है। वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने सदन में कहा है कि “सरकार भी संवेदनशील है और यह मुद्दा भी पुराना और संवेदनशील है”, तो हम उम्मीद करते हैं कि गुजरात सरकार जल्द से जल्द इसका समाधान लाएगी।

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