दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज को मोदी सरकार दबा नहीं सकती। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पीएम मोदी के जवाब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर चुका है और उसकी आवाज़ को अब कोई भी दमनकारी नीति दबा नहीं सकती।
आतिशी ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मुद्दे पर देश के युवाओं को जवाब नहीं देते, तब तक यह संघर्ष और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
आतिशी का बड़ा बयान: “तानाशाही से खत्म नहीं होगा युवाओं का हौसला”
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
- “देश के युवाओं ने मोदी सरकार को साफ-साफ बता दिया है कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता और प्रधानमंत्री की ओर से जवाब नहीं आ जाता।”
- आतिशी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की राजधानी नई दिल्ली में पेपर लीक धांधली, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर हज़ारों छात्र व युवा आंदोलनरत हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष और छात्र संगठन
देश के नौजवानों ने मोदी सरकार को बता दिया है कि उनकी आवाज़ दबाई नहीं जा सकती। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और प्रधानमंत्री जी के जवाब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
– @AtishiAAP, नेता प्रतिपक्ष, दिल्ली विधानसभा pic.twitter.com/AaMYofzQwl
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 20, 2026
प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इस पूरे मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा या उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए।
- प्रधानमंत्री का स्पष्टीकरण: इस गंभीर मुद्दे और युवाओं के भविष्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद व देश के सामने स्थिति स्पष्ट करें।
- पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी कानून लागू किए जाएं।
- पीड़ितों को मुआवजा: परीक्षा रद्द होने या अनियमितताओं से प्रभावित हुए अभ्यर्थियों को राहत व मुआवजा प्रदान किया जाए।
जंतर-मंतर पर बढ़ा सियासी तापमान
दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी का पूरा समर्थन मिल रहा है। आतिशी सहित आप के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके प्रति अपनी एकजुटता जताई है।
आप नेताओं का कहना है कि पुलिस बल और बैरिकेड्स के दम पर युवाओं की जायज मांगों को कुचला नहीं जा सकता। इतिहास गवाह है कि जब भी किसी सरकार का अहंकार सीमा पार करता है, तो देश का युवा ही उसे सही राह दिखाता है।
आर-पार के मूड में देश का युवा
दिल्ली में हो रहे इन प्रदर्शनों ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और रोज़गार से जुड़े मुद्दे देश की राजनीति के केंद्र में आ चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष आतिशी के इस कड़े रुख के बाद अब केंद्र सरकार पर दबाव और अधिक बढ़ गया है। जब तक सरकार युवाओं की मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक दिल्ली से शुरू हुई यह राजनीतिक और सामाजिक जंग थमने वाली नहीं है।