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जंतर-मंतर पर आप नेता मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि तानाशाही का डर खत्म हो चुका है और अब जनता की एक ही मांग है—शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में अनियमितता और पेपर लीक मामलों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश की जनता अब तानाशाही के खौफ से बाहर निकल चुकी है और अपने अधिकारों व युवाओं के भविष्य के लिए सड़कों पर उतर आई है।
सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि अब देश के युवाओं और नागरिकों की केवल एक ही प्रमुख मांग है—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा।
तानाशाही का डर खत्म, सड़कों पर उतरी जनता: मनीष सिसोदिया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और छात्रों को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा:
- “आज जंतर-मंतर पर जुटे लोगों के दिलों से डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है। देश की जनता तानाशाही के भय से मुक्त होकर अपने घरों से बाहर निकल आई है। अब सरकार के किसी भी दबाव या पुलिस बल से युवा झुकने वाले नहीं हैं। हमारी बस एक ही स्पष्ट मांग है—धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफा दो!”
- सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य से जुड़ी एक राष्ट्रीय लड़ाई है।
संसद मार्च और छात्रों के आंदोलन को मिला ‘आप’ का पूर्ण समर्थन
जंतर मन्तर पर आज जनता का डर छूमंतर हो चुका है।
तानाशाही के डर से मुक्त जनता घर से निकली है आज।एक ही माँग है – धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो ! pic.twitter.com/DGjS3OzgMZ
— Manish Sisodia (@msisodia) July 20, 2026
संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर से ‘संसद मार्च’ का आह्वान करने वाले छात्र संगठनों और आंदोलनों को आम आदमी पार्टी का पूरा समर्थन मिल रहा है। मनीष सिसोदिया, आतिशी और संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं ने जंतर-मंतर पहुँचकर प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ अपनी एकजुटता जताई।
मनीष सिसोदिया ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की कि वे दलीय राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा माफिया और बार-बार होने वाले पेपर लीक के खिलाफ इस जनआंदोलन में हिस्सा लें।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है विपक्ष और प्रदर्शनकारी
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: परीक्षा प्रणाली में विफलता और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री पद से तुरंत त्यागपत्र दें।
- सख्त कानून और निष्पक्ष जांच: सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो।
- छात्रों पर कार्रवाई रोकें: शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग या पुलिसिया कार्रवाई तुरंत बंद की जाए।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की गूँज
मनीष सिसोदिया के इस कड़े बयान और जंतर-मंतर पर जुट रही भीड़ ने केंद्र सरकार के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। जब तक सरकार युवाओं की मांगों और परीक्षा सुधारों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक जंतर-मंतर से उठ रही यह आवाज देश भर के युवाओं का केंद्र बिंदु बनी रहेगी।