उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड विस्तार, सड़क कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन के लिए ₹51 करोड़ स्वीकृत किए। साथ ही उन्होंने देहरादून में ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ की भी शुरुआत की।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सर्वांगीण विकास और सुदूर सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में हेलीपैडों के निर्माण, विस्तार और उच्चीकरण (Upgradation) के साथ-साथ आवश्यक सहायक अवसंरचना के विकास के लिए 51 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इस स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा राज्य की सड़क संपर्क प्रणाली (Road Connectivity), आपदा प्रबंधन तंत्र (Disaster Management), पुलिस आधुनिकीकरण (Police Modernisation) तथा न्यायिक एवं कारागार ढांचे (Judicial & Prison Infrastructure) को मजबूत करने में किया जाएगा। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस हिमालयी राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे एक दूरगामी फैसला माना जा रहा है।
सुदूर क्षेत्रों में त्वरित राहत और प्रशासनिक दक्षता पर ज़ोर
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सड़क एवं वायु संपर्क (Air Connectivity), सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और कोर इन्फ्रास्ट्रक्चर को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड अक्सर प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन, बादल फटने और मूसलाधार बारिश की चुनौतियों से जूझता रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीपैडों का नेटवर्क मजबूत होने और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से राज्य के सबसे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी पहुंच आसान होगी। इससे न केवल आम नागरिकों और पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों (Disaster Relief & Rescue Operations) को बेहद कम समय में और अधिक कुशलता से अंजाम दिया जा सकेगा। इसके अलावा, पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था के आधुनिकीकरण से राज्य की कानून-व्यवस्था और कार्यकुशलता में अभूतपूर्व सुधार आएगा।
‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ का शुभारंभ: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए नई पहल
इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव ला रही है। देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘शाइन एवी लर्निंग’ (Shine AV Learning) के ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ (Inclusive Education Mission-2030) का औपचारिक उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs / CWSN) के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई विजुअल लर्निंग पाठ्यक्रम-आधारित पुस्तकों और शैक्षणिक सामग्रियों का अनावरण किया। यह पहल दिव्यांग और विशेष बच्चों को आधुनिक तकनीक और दृश्य सामग्री (Visual Media) के माध्यम से मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की एक सराहनीय कोशिश है।
शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शाइन एवी लर्निंग की यह पहल शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और समावेशी (Inclusive) बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य सरकार, दोनों ही शुरू से ही शिक्षा क्षेत्र को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखती आई हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नीति का उद्देश्य केवल बच्चों को साक्षर बनाना नहीं है, बल्कि उनमें आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking), नवाचार (Innovation) और जीवन में सफलता प्राप्त करने का आत्मविश्वास जगाना है। एनईपी 2020 21वीं सदी के भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने का एक मजबूत आधार है।
स्मार्ट क्लासरूम से लेकर दिव्यांग-अनुकूल स्कूल तक: उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल
राज्य में शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों को आधुनिक तकनीकों से लैस कर रही है। इसके तहत:
- तकनीकी सुदृढ़ीकरण: स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब्स (ICT Labs), डिजिटल लर्निंग कंटेंट और विज्ञान व नवाचार-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- प्रमुख योजनाएं: राज्य में PM SHRI स्कूलों और अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।
- दिव्यांग-अनुकूल अवसंरचना: समावेशी शिक्षा का लाभ हर एक बच्चे तक पहुँचाने के लिए स्कूलों का विशेष अपग्रेडेशन किया गया है। इसके अंतर्गत स्कूलों में रैंप (Ramps), रेलिंग, सुलभ शौचालय (Accessible Toilets), अनुकूलित फर्नीचर (Adapted Furniture) और सुरक्षित पेयजल की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
प्रगतिशील और समावेशी उत्तराखंड की ओर कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अवसंरचना विकास के लिए जारी ₹51 करोड़ का बजट और शिक्षा क्षेत्र में समावेशी मिशन की शुरुआत यह दर्शाती है कि राज्य सरकार विकास के भौतिक और सामाजिक दोनों पहलुओं पर समान रूप से ध्यान दे रही है। जहां एक ओर हेलीपैड और सड़कों का विस्तार राज्य को आपदा-प्रतिरोधी और कनेक्टेड बनाएगा, वहीं दूसरी ओर समावेशी शिक्षा से हर वर्ग का बच्चा सशक्त होगा। यह समन्वित दृष्टिकोण उत्तराखंड को एक समृद्ध, सुरक्षित और आधुनिक राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।