गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक 35.25 किमी लंबे मेट्रो कॉरिडोर की प्रगति की मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने समीक्षा की। कॉरिडोर में 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में प्रस्तावित सेक्टर-56 से पंचगांव मेट्रो कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव अनुरााग रस्तोगी ने प्रस्तावित मेट्रो परियोजना की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 35.25 किलोमीटर होगी और इसमें कुल 28 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। यह कॉरिडोर गुरुग्राम के कई महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सेक्टर-56 से पंचगांव तक जुड़ेगा कॉरिडोर
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर सेक्टर-56 से शुरू होकर खेरकी दौला, ग्लोबल सिटी, न्यू गुरुग्राम और आईएमटी मानेसर होते हुए पंचगांव तक पहुंचने की योजना है। इस रूट के जरिए गुरुग्राम के प्रमुख व्यावसायिक, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
35.25 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे यात्रियों को गुरुग्राम और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन का एक अतिरिक्त और सुविधाजनक विकल्प मिलने की उम्मीद है।
रैपिड मेट्रो और RRTS से होगा एकीकरण
मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में मजबूत होगा मल्टीमॉडल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सेक्टर-56–पंचगांव प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। 35.25 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 28 स्टेशन होंगे, जो सेक्टर-56 से खेड़की दौला, ग्लोबल सिटी, न्यू… pic.twitter.com/mQtVh62rpA
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 12, 2026
इस परियोजना की खास बात यह है कि प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को मौजूदा और प्रस्तावित अन्य रेल आधारित परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इसमें रैपिड मेट्रो, RRTS और HORC समेत अन्य रेल आधारित परिवहन प्रणालियों के साथ एकीकरण का प्रस्ताव है।
मल्टीमॉडल परिवहन व्यवस्था विकसित होने से यात्रियों को अलग-अलग सार्वजनिक परिवहन साधनों के बीच आसानी से आवागमन करने में मदद मिल सकती है। इससे गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और प्रमुख क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
संशोधित DPR जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश
मुख्य सचिव अनुरााग रस्तोगी ने परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को संशोधित DPR (Detailed Project Report) निर्धारित समयसीमा में अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। परियोजना की व्यवहार्यता, रूट और अन्य तकनीकी पहलुओं से जुड़े विवरण को अंतिम रूप देने के लिए DPR महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
अधिकारियों को परियोजना से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाने और तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य गुरुग्राम की बढ़ती परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर और एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली तैयार करना है।
गुरुग्राम में बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में कदम
गुरुग्राम में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी के साथ सार्वजनिक परिवहन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में सेक्टर-56 से पंचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है।
कॉरिडोर के खेरकी दौला, ग्लोबल सिटी, न्यू गुरुग्राम और आईएमटी मानेसर जैसे क्षेत्रों से गुजरने से इन इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। साथ ही, अन्य रेल आधारित परिवहन नेटवर्क के साथ इसके प्रस्तावित एकीकरण से गुरुग्राम में मल्टीमॉडल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
मुख्य सचिव अनुरााग रस्तोगी की समीक्षा के दौरान परियोजना की प्रगति और संशोधित DPR को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के पूरा होने के बाद गुरुग्राम की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यापक और एकीकृत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।