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2026 विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे जारी। बंगाल में भाजपा और टीएमसी में कांटे की टक्कर, असम में भाजपा की बढ़त और केरल में सत्ता परिवर्तन की संभावना। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर: क्या गिरेगा ममता का गढ़?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है। अंतिम चरण के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच बेहद कड़े मुकाबले की ओर इशारा कर रहे हैं। ‘चाणक्य स्ट्रैटेजीज’ और ‘मैट्रिज’ जैसी एजेंसियों का अनुमान है कि भाजपा इस बार बंगाल में बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है। चाणक्य के अनुसार, भाजपा को 150-160 सीटें मिल सकती हैं, जबकि टीएमसी 130-140 सीटों पर सिमट सकती है। वहीं, ‘पोल डायरी’ भाजपा को 171 सीटों तक बढ़ते देख रही है। हालांकि, ‘पीपल्स प्लस’ का सर्वे ममता समर्थकों के लिए राहत भरा है, जो टीएमसी को 187 सीटों के साथ भारी बहुमत मिलने की भविष्यवाणी कर रहा है।
असम में खिलेगा फिर से ‘कमल’?
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है। ‘एक्सिस माई इंडिया’ और ‘जेवीसी’ के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा गठबंधन 88 से 101 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है। 126 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी 100 का आंकड़ा पार करेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला छह दलीय गठबंधन 30 सीटों के आसपास सिमटता नजर आ रहा है। 85 प्रतिशत से अधिक मतदान राज्य में विकास और पहचान के मुद्दों पर जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
तमिलनाडु में स्टालिन का दबदबा, विजय की भी धमाकेदार एंट्री
दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की पकड़ मजबूत बनी हुई है। अधिकांश एग्जिट पोल डीएमके (DMK) गठबंधन की निर्णायक जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं। ‘पीपल्स प्लस’ के अनुसार, डीएमके को करीब 145 सीटें मिल सकती हैं, जबकि विपक्षी एआईएडीएमके 80 सीटों से नीचे रह सकती है। इस चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) रही है। कुछ सर्वे उन्हें 6 सीटें दे रहे हैं, लेकिन ‘पीपल्स इनसाइट’ का अनुमान है कि विजय 40 सीटों तक जीत सकते हैं, जो उन्हें राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण ‘किंगमेकर’ बना सकता है।
केरल में सत्ता परिवर्तन के आसार और पुडुचेरी का गणित
केरल में हर पांच साल में सरकार बदलने का पुराना रिवाज फिर से लौटता दिख रहा है। ‘एक्सिस माई इंडिया’ के मुताबिक, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) 90 सीटों तक जीतकर सत्ता में वापसी कर सकता है। यह मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की एलडीएफ (LDF) सरकार के लिए बड़ा झटका हो सकता है। भाजपा यहां अपना खाता खोलने और 0-3 सीटें जीतने की कोशिश में है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को बढ़त मिलने का अनुमान है, हालांकि यहां छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवार अंतिम परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
4 मई का इंतजार: किसकी होगी ताजपोशी?
एग्जिट पोल के इन आंकड़ों ने राजनीतिक दलों के बीच हलचल तेज कर दी है, लेकिन अंतिम फैसला 4 मई को मतगणना के बाद ही साफ होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में लौटेंगी या भाजपा बंगाल में नया इतिहास रचेगी। इसी तरह, असम में हिमंत बिस्वा सरमा की साख और केरल में कांग्रेस की वापसी की उम्मीदों का फैसला भी उसी दिन होगा।