अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन नीति पर ऑटो कंपनियों से पारदर्शिता की मांग की। पुराने वाहनों पर असर और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी जरूरी है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र जारी कर रहे हैं। इन पत्रों के माध्यम से उन्होंने कंपनियों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग का क्या प्रभाव पड़ेगा।
आज मैं देश की सभी auto manufacturing companies को लेटर लिख रहा हूँ – वे जनता को बतायें कि क्या उनके 2023 के पहले बने products में E20 इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि हाँ, तो mileage या किसी component के ख़राब होने पर कंपनी नुक़सान की भरपाई करेगी?
आज 12 बजे PC में सभी पत्र रिलीज़…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 8, 2026
पुराने वाहनों पर E20 के असर को लेकर मांगा स्पष्टीकरण
केजरीवाल ने कहा कि वाहन कंपनियों को जनता को यह जानकारी देनी चाहिए कि पुराने वाहनों में E20 ईंधन का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि E20 के कारण माइलेज में कमी या किसी वाहन के पुर्जों में खराबी आती है तो क्या कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेंगी और उपभोक्ताओं को मुआवजा देंगी।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जारी किए जाने वाले पत्रों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि लोगों को इस विषय पर स्पष्ट जानकारी मिल सके।
सरकार ने E20 को लेकर उठ रही चिंताओं को बताया गलत
वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 ईंधन को लेकर उठाए जा रहे सवालों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं और वाहन निर्माताओं के बीच E20 ईंधन को लेकर किसी बड़े संकट की स्थिति नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि E20 ईंधन को लेकर समस्याओं की कुछ रिपोर्ट्स सही तस्वीर पेश नहीं करतीं। उन्होंने बताया कि देश में इथेनॉल मिश्रण को धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है और यह प्रक्रिया तकनीकी परीक्षणों व उद्योग जगत के साथ चर्चा के आधार पर आगे बढ़ रही है।
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सरकार का दावा- E20 से कम होगी तेल आयात निर्भरता
केंद्र सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल योजना का उद्देश्य देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर देना और पर्यावरणीय लाभ हासिल करना है।
सरकार के अनुसार, E20 मिश्रित पेट्रोल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और भविष्य में उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को भी तकनीकी मूल्यांकन के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।
E25 और E85 ईंधन पर भी चल रही तैयारी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E25 मिश्रण को लागू करने से पहले आवश्यक परीक्षण पूरे किए जाएंगे और संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि E85 ईंधन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
E20 ईंधन को लेकर केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हित से जुड़ी पहल बता रही है, वहीं AAP उपभोक्ताओं की सुरक्षा और वाहन अनुकूलता को लेकर जवाबदेही की मांग कर रही है।