‘सतलुज’ फिल्म विवाद पर अभिनेता कंवलजीत सिंह ने कहा कि फिल्म बनने के बाद उसे रोकना कलाकारों और पूरी टीम के साथ अन्याय है। उन्होंने फिल्म के रिलीज होने की उम्मीद जताई।
दलजीत दोसांझ की आगामी फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच वरिष्ठ अभिनेता कंवलजीत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना होती है। फिल्म से जुड़े विवादों और रिलीज को लेकर अंतिम फैसला निर्माताओं और संबंधित संस्थाओं का होता है।
कंवलजीत सिंह ने एक बातचीत में कहा कि किसी फिल्म को बनने में कई लोगों की वर्षों की मेहनत लगती है। ऐसे में फिल्म तैयार होने के बाद उसे रोक देना पूरी टीम के साथ अन्याय जैसा है।
‘सतलुज’ में निभाया अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार
कंवलजीत सिंह ने फिल्म में अपने किरदार को लेकर बताया कि यह उनके करियर की सबसे कठिन भूमिकाओं में से एक रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्होंने ऐसा किरदार निभाया जो बेहद कठोर और बेरहम स्वभाव का था।
अभिनेता ने बताया कि जब उन्हें इस भूमिका के बारे में जानकारी दी गई तो वह काफी प्रभावित हुए, क्योंकि यह कहानी इतिहास से जुड़ी हुई थी और ऐसे विषय पर आधारित थी जिस पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई।
अपने किरदार की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित व्यक्ति के बारे में उपलब्ध जानकारी पढ़ी, उनके भाषणों को देखा और उनके व्यक्तित्व को समझने की कोशिश की। हालांकि निर्देशक ने उन्हें किसी की नकल करने के बजाय अपनी एक्टिंग के जरिए किरदार को पेश करने की सलाह दी थी।
फिल्म रिलीज नहीं होने से टीम निराश
फिल्म की रिलीज में आ रही परेशानियों पर कंवलजीत सिंह ने कहा कि किसी फिल्म के अटकने के पीछे हमेशा विवाद ही वजह नहीं होते। कई बार आर्थिक, तकनीकी और अन्य परिस्थितियां भी जिम्मेदार होती हैं।
उन्होंने कहा कि जब कलाकार, तकनीशियन और पूरी टीम किसी प्रोजेक्ट पर लंबे समय तक मेहनत करती है और वह दर्शकों तक नहीं पहुंच पाता, तो निराशा होना स्वाभाविक है।
उन्होंने इसकी तुलना एक लेखक की उस किताब से की, जिसे वर्षों की मेहनत के बाद भी प्रकाशित होने का मौका नहीं मिलता।
कंवलजीत सिंह को उम्मीद- एक दिन जरूर रिलीज होगी ‘सतलुज’
अभिनेता ने भरोसा जताया कि फिल्म ‘सतलुज’ भविष्य में जरूर दर्शकों तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े हर व्यक्ति ने पूरी लगन और मेहनत से काम किया है।
उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़े कलाकारों के अलावा स्पॉट बॉय, तकनीशियन और अन्य सदस्यों की भी यही इच्छा है कि दर्शकों को उनका काम देखने का अवसर मिले।
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विवादों पर क्या बोले अभिनेता?
फिल्म से जुड़े विवादों पर कंवलजीत सिंह ने कहा कि यह मामला लंबे समय तक अलग-अलग स्तरों पर चर्चा में रहा। उन्होंने फिल्म के निर्माताओं और निर्देशक की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के बावजूद अपने फैसलों पर मजबूती दिखाई।
उन्होंने बताया कि एक समय फिल्म में कई बदलाव और कट लगाने की बातें सामने आई थीं। इसके बाद फिल्म को एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल से भी वापस लेना पड़ा था।
कंवलजीत सिंह ने कहा कि समय के साथ परिस्थितियां बदलती रहती हैं और किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है।
कलाकार का ध्यान सिर्फ किरदार पर होना चाहिए
अभिनेता ने कहा कि जब किसी कलाकार को कोई भूमिका मिलती है तो उसका ध्यान सबसे पहले कहानी और किरदार पर होता है, न कि भविष्य में होने वाले विवादों पर।
उन्होंने कहा कि अगर कलाकार लगातार यह सोचता रहेगा कि फिल्म को कैसी प्रतिक्रिया मिलेगी, तो वह अपने अभिनय पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाएगा। एक कलाकार का काम अपने किरदार को सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारना है।
फिल्म निर्माण से पहले जरूरी मंजूरियां होनी चाहिए
कंवलजीत सिंह ने सुझाव दिया कि किसी भी संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाने से पहले सभी जरूरी मंजूरियां और संभावित आपत्तियों का समाधान कर लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फिल्म बनने के बाद जब उसमें बड़ी रकम, समय और मेहनत लग चुकी होती है, तब उसे रोकना या बड़े बदलाव की मांग करना पूरी टीम के लिए मुश्किल स्थिति पैदा करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सिनेमा में रचनात्मक स्वतंत्रता और संवेदनशील मुद्दों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। संवाद और पारदर्शिता के जरिए ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है, जिससे कलाकारों और निर्माताओं की मेहनत को नुकसान न पहुंचे।