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मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट ने 4 प्रमुख योजनाओं के लिए ₹7,834 करोड़ की मंजूरी दी। साथ ही सेवानिवृत्त अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 20% आरक्षण और ‘मिशन सुरक्षा’ का ऐलान किया।
अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में ईटानगर में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कई युगांतरकारी फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार के ‘टीम अरुणाचल’ के रूप में 10 साल पूरे होने पर एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही, राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ₹7,834 करोड़ के भारी निवेश के साथ कई व्यापक योजनाओं को मंजूरी दी गई। यह फैसले राज्य को वर्ष 2047 तक ‘विकसित अरुणाचल प्रदेश’ बनाने के संकल्प को प्रदर्शित करते हैं।
चार मुख्यमंत्री व्यापक योजनाएं (2026-29)
कैबिनेट ने आगामी तीन वर्षों (2026-29) के लिए चार प्रमुख ‘सीएम कॉम्प्रिहेंसिव स्कीम्स’ के तहत ₹7,834 करोड़ के संचयी निवेश को मंजूरी दी है:
- मुख्यमंत्री व्यापक राज्य सड़क विकास योजना (CMCSRDP) चरण-II: जिला मुख्यालयों, प्रशासनिक केंद्रों (DC/ADC/SDO) की सड़कों को जोड़ने और राजधानी क्षेत्र के यातायात को सुगम बनाने के लिए ₹2,334 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- मुख्यमंत्री व्यापक राज्य ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रम (CMCSRRDP): प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) से अछूते गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए अगले तीन वर्षों में ₹2,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री व्यापक राज्य विद्युत विकास कार्यक्रम (CMCSPDP): बिजली की घरेलू आपूर्ति में सुधार और मार्च 2029 तक एटी एंड सी (AT&C) नुकसान को घटाकर 18% करने के उद्देश्य से ग्रिड आधुनिकीकरण के लिए ₹2,000 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
- मिशन शिक्षित अरुणाचल चरण-II: स्कूलों के बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने और शिक्षक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ₹1,500 करोड़ का अतिरिक्त बजट दिया गया है। इसकी निगरानी ‘अरुणाचल विद्या निधि’ (AVN) प्लेटफॉर्म के माध्यम से रीयल-टाइम में होगी।
युवाओं के लिए रोजगार और अग्निवीर आरक्षण
राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए ‘अरुणाचल मानव पूंजी और आर्थिक परिवर्तन विज़न 2036’ को मंजूरी दी है। इसका लक्ष्य 1 लाख युवाओं को कुशल बनाना, 10,000 उद्यमियों को तैयार करना और सभी 10 आईटीआई (ITI) को आधुनिक कौशल केंद्रों में बदलना है।
इसके अलावा, देश की सेवा करने वाले राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए पुलिस बल, वन रक्षक, जेल वार्डन और अन्य समकक्ष पदों पर 20% आरक्षण को मंजूरी दी गई है। यह कदम पूर्व-अग्निवीरों के अनुशासन और कौशल का राज्य के विकास में उपयोग करने में मददगार साबित होगा।
शिक्षा, सुरक्षा और सैनिक स्कूल छात्रवृत्ति
शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री सीमांत सैनिक स्कूल छात्रवृत्ति योजना’ शुरू की है। इसके तहत देश के 8 अधिसूचित सैनिक स्कूलों और आरआईएमसी (RIMC) देहरादून में पढ़ने वाले अरुणाचली छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, भारतीय सेना के नेतृत्व में एक विशेष कोचिंग व मेंटरशिप कार्यक्रम चलाया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने के लिए तैयार किया जा सके।
प्रशासनिक और जनसेवा दक्षता बढ़ाने के लिए पूरी तरह से एआई-संचालित ‘E-HRMS 2.0’ (मानव संपदा) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो सरकारी कर्मचारियों के भर्ती से लेकर सेवानिवृत्ति तक के कार्यों को पारदर्शी बनाएगा। आपदा प्रबंधन के तहत न्यापिन, डम्बुक, नारी, कायिंग, जयरामपुर और मेन्चूका में 6 नए अत्याधुनिक फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
‘मिशन सुरक्षा’ (नशामुक्त अरुणाचल का संकल्प)
नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए कैबिनेट ने ‘मिशन सुरक्षा’ (State Unified Response Against Drugs, Substance Harm & Addiction) की शुरुआत की है। यह मिशन मुख्य रूप से तीन स्तंभों—मांग में कमी (Demand Reduction), नुकसान में कमी (Harm Reduction) और आपूर्ति पर रोक (Supply Reduction) पर आधारित होगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स, सतर्क तंत्र, और ‘संकल्प’ सामुदायिक रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी प्रणालियां बनाई जाएंगी।
व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) और अन्य आर्थिक सुधार
स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापार को गति देने के लिए ‘अरुणाचल प्रदेश एपिकल्चर एंड हनी पॉलिसी 2026’ को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य पूर्वोत्तर में शहद उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बन सके। इसके साथ ही, स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ‘अरुण एमएसएमई (ARUN MSME) मिशन’ शुरू किया गया है, जिसके तहत हर साल 500 एमएसएमई को पुनरुद्धार और क्षमता विकास सहायता दी जाएगी।
व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ाते हुए सरकार ने कुछ विशिष्ट गतिविधियों के लिए अलग से ‘व्यापार लाइसेंस’ की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है और नियामक बोझ को कम करने के लिए अरुणाचल प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है। युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर देने के लिए अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (APSSB) के नियमों में संशोधन करके प्रतीक्षा सूची (Wait List) को 10% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है और इसकी वैधता अवधि को भी 6 महीने से बढ़ाकर 1 वर्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, वकीलों की सुरक्षा के लिए देश के अग्रणी राज्यों की तर्ज पर ‘अरुणाचल प्रदेश अधिवक्ता संरक्षण विधेयक 2026’ को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है।