डॉ. APJ अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आम आदमी पार्टी ने दी विनम्र श्रद्धांजलि। ‘आप’ ने कहा कि शिक्षा और विज्ञान के मार्ग पर चलकर ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
देश के 11वें राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और ‘मिसाइल मैन’ के नाम से प्रख्यात डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने डॉ. कलाम के विचारों और उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि डॉ. कलाम का पूरा जीवन छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने, शोध को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए समर्पित रहा। वे हमेशा खुद को एक शिक्षक के रूप में याद किया जाना पसंद करते थे।
‘एक शिक्षक के रूप में याद रखे जाना ही उनका सबसे बड़ा सम्मान’
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने और उनका भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए वे हमेशा समर्पित रहे। वे सदैव एक शिक्षक के रूप में याद किया जाना चाहते थे। उनके दिखाए शिक्षा और विज्ञान के…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 27, 2026
डॉ. अब्दुल कलाम जी को नमन करते हुए पार्टी नेतृत्व ने कहा कि डॉ. कलाम देश के सर्वोच्च पद पर रहने के बावजूद सदैव जमीन से जुड़े रहे और बच्चों व युवाओं के बीच जाकर संवाद करना उनका सबसे प्रिय कार्य था। वे कहते थे कि अगर समाज उन्हें याद रखे, तो एक शिक्षक के रूप में याद रखे।
‘आप’ ने कहा कि दिल्ली और पंजाब में शुरू की गई ‘शिक्षा क्रांति’ का मूल उद्देश्य भी यही है कि हर गरीब और आम परिवार के बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, वैज्ञानिक और विश्वस्तरीय शिक्षा मिले, ताकि देश का हर छात्र डॉ. कलाम के सपनों को साकार कर सके।
शिक्षा और विज्ञान के मार्ग से ही सम्भव है विकसित भारत का सपना
आम आदमी पार्टी ने जोर देकर कहा कि भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का एकमात्र रास्ता वही है जो डॉ. कलाम ने देश को दिखाया था—विज्ञान, नवाचार और उत्कृष्ट शिक्षा का रास्ता।
जब देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनेंगे, तभी भारत वास्तविक अर्थों में एक ज्ञान आधारित महाशक्ति (Knowledge Superpower) बन पाएगा। डॉ. कलाम के बताए इस रास्ते पर पूरी निष्ठा से चलना ही उनके प्रति देश की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।