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जंतर-मंतर पर CJP के छात्र आंदोलन को मिला बॉलीवुड का भारी समर्थन! अनुराग कश्यप ने लिखा- ‘किसी और को गाली देकर काम नहीं चलेगा’, साकिब सलीम ने पुलिस बर्बरता पर उठाए गंभीर सवाल।
दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन ने अब पूरे देश का ध्यान खींचा है। बॉलीवुड और भारतीय मनोरंजन जगत की प्रमुख हस्तियों ने सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर उतरकर प्रदर्शनकारी छात्रों का खुलकर समर्थन किया है और सरकार व पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप का इस मुद्दे पर लिखा गया एक इंस्टाग्राम पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मानसिकता और उनकी मांगों को रेखांकित करते हुए एक बेहद तीखा संदेश दिया है।
“किसी और को गाली देकर इस बार नहीं चलेगा”: अनुराग कश्यप का तीखा पोस्ट
अनुराग कश्यप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सत्ता में बैठे लोग उन युवाओं की ताकत और सोच को समझने में पूरी तरह असमर्थ रहे हैं, जो आज सड़कों पर उतर आए हैं।
अनुराग ने लिखा:
“वे सड़कों पर उतरे इन बच्चों के बारे में जो बात नहीं समझ पा रहे हैं, वह यह है कि जब प्रधानमंत्री सत्ता में आए थे, तब ये बच्चे 2 से 6 साल के थे। इन्होंने जो कुछ भी देखा है, वह केवल ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ है और अब वे इससे तंग आ चुके हैं। वे जवाब चाहते हैं और वे सचमुच जवाब चाहते हैं।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में अपने पोस्ट का अंत करते हुए कहा:
“किसी और को गाली देके इस बार नहीं चलेगा। इन बच्चों के सवाल पूछने और वोट देने का टाइम आ गया है।”
“कठिन सवाल पूछने वाले को ‘देशविरोधी’ कह दिया गया”: साकिब सलीम
अभिनेता साकिब सलीम ने भी जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुए पुलिस बल प्रयोग और बर्बरता पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे लोकतांत्रिक देश में सवाल पूछने की बुनियादी स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है।
साकिब ने अपने भावुक संदेश में लिखा:
“रास्ते में कहीं न कहीं, ‘देशविरोधी’ का मतलब हर उस व्यक्ति से निकाला जाने लगा जो कोई कठिन सवाल पूछता है। छात्र अपनी परीक्षाओं के बारे में जवाब मांग रहे हैं, माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य की जवाबदेही मांग रहे हैं और बुजुर्ग भीड़ में खड़े हैं… लेकिन उन्हें पीटा गया, घसीटा गया और निहत्थे लोगों पर लाठियां चलाई गईं। आप इसे जो चाहें कहें, मैं इसे गलत कहता हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति भले ही छात्रों की मांगों से असहमत हो, लेकिन जिस तरह से उनके साथ दुर्व्यवहार और हिंसा की गई है, उसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल दहल जाएगा। यह राजनीति नहीं, बल्कि सिर्फ एक इंसानियत और ज़मीर का मामला है।
“छात्र हमारा भविष्य हैं, इंसानियत सबसे ऊपर”: अदिति राव हैदरी
अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने भी इस आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी की भी राजनीतिक पसंद या प्राथमिकता चाहे जो हो, लेकिन इंसानियत और इंसान की गरिमा सबसे ऊपर होनी चाहिए।
अदिति ने अपने संदेश में कहा:
“हमारी राजनीतिक पसंद चाहे जो भी हो, इंसानियत सबसे ऊपर होनी चाहिए। हमें अपने सभी बहादुर छात्रों के लिए सम्मान, गरिमा और सहानुभूति पर आधारित एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना होगा… और उन सभी दृढ़ संकल्पित आवाजों के लिए जो एक सार्थक संवाद की प्रतिबद्धता के साथ सुने जाना चाहती हैं। एक-दूसरे को सुनना ही सार्थक प्रगति की नींव है। हमारे छात्र ही हमारा भविष्य हैं।”
अदिति राव हैदरी के अलावा इमरान खान, हुमा कुरैशी और अमोल पराशर जैसे लोकप्रिय अभिनेताओं ने भी सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में भावनात्मक और प्रेरक संदेश साझा किए हैं।
जंतर-मंतर पहुँचे सितारे: शबाना आजमी, प्रकाश राज और पूनम पांडे की मौजूदगी
छात्रों के इस आंदोलन को केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही समर्थन नहीं मिल रहा है, बल्कि फिल्म और डिजिटल मीडिया जगत के कई सितारे खुद दिल्ली के जंतर-मंतर पहुँचकर छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए हैं।
बॉलीवुड के दिग्गज जमीनी आंदोलन में: प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आजमी, वरिष्ठ अभिनेता प्रकाश राज, कुनिका सदानंद और पूनम पांडे विशेष रूप से दिल्ली पहुँचे और जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ धरने और मार्च में हिस्सा लिया।
डिजिटल और म्यूजिक सेंसेशन्स का समर्थन: इंटरनेट और संगीत जगत की हस्तियां जैसे चार दीवारी (Char Diwari), पुनीत सुपरस्टार (Puneet Superstar) और प्रसिद्ध रैपर हनुमानकाइंड (Hanumankind) को भी जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में नारेबाजी करते और उनकी आवाज बुलंद करते हुए देखा गया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधारों की मांग को लेकर शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन अब केवल एक प्रशासनिक विरोध नहीं रहा। बॉलीवुड और कला जगत के दिग्गजों के इस आंदोलन से जुड़ने के कारण इसने एक बड़े राष्ट्रीय संवाद का रूप ले लिया है, जहाँ युवाओं के अधिकार, बोलने की आजादी और प्रशासनिक जवाबदेही पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।