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अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों की तस्करी के कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 10 किलो हेरोइन, दो AK राइफलें और कारतूस बरामद किए।
पंजाब में नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक कथित हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब 10.030 किलोग्राम हेरोइन, एक AK-47, एक AK-56, मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई की जानकारी पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से दी गई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, विदेशी तस्करों से संपर्क की जांच
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप सिंह, उसकी पत्नी कमलजीत कौर और कमलजीत कौर के भाई बिक्रमजीत सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कथित तौर पर इनके विदेशी तस्करों से संपर्क होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अवैध हथियार और नशीले पदार्थ हासिल कर उन्हें पंजाब में आगे सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
सीमा के पास अमरूद के बाग को लेकर भी जांच
Mann Sarkar’s zero-tolerance crackdown on drugs and illegal arms!
Kudos to Punjab Police for arresting 3 accused and recovering 10 kg heroin, 2 AK rifles, 4 magazines and 10 live cartridges. Mann Government is working relentlessly to dismantle the networks pushing drugs and… https://t.co/fRckJ8vRBz
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 29, 2026
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अमृतसर के मोधे गांव में करीब एक एकड़ जमीन अमरूद के बाग के लिए लीज पर ली थी। यह जगह भारत-पाकिस्तान सीमा की बाड़ से लगभग 500 मीटर दूर बताई गई है। पुलिस को संदेह है कि सीमा के नजदीक स्थित इस जगह का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजी गई नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप को प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में संदीप सिंह और कमलजीत कौर की कथित भूमिका नेटवर्क को संभालने में सामने आई है, जबकि बिक्रमजीत सिंह पर खेप को प्राप्त करने, ले जाने और आगे पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। हालांकि, इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस कार्रवाई के बाद अमृतसर ग्रामीण के थाना घरिंडा में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद खेप कहां से आई थी और इसे पंजाब में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच का उद्देश्य नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना है। इसमें कथित विदेशी संपर्कों के साथ-साथ राज्य के भीतर मौजूद संभावित सहयोगियों और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लोगों की पहचान भी शामिल है।
भगवंत मान सरकार ने नशे और अवैध हथियारों पर जताया सख्त रुख
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लगातार नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करती रही है। सरकार की ओर से नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और पंजाब में अवैध हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगाने की बात कही गई है।
इस कार्रवाई के बाद सरकार ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई को नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान से जोड़ते हुए पुलिस की सराहना की है। सरकार का कहना है कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की आपूर्ति को रोकना है।
आगे की जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क
अमृतसर ग्रामीण पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि बरामद नशीले पदार्थ और हथियार कहां से आए तथा इनके पीछे और कौन-कौन लोग सक्रिय हो सकते हैं।
अमृतसर का सीमावर्ती क्षेत्र पहले भी ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के मामलों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर रहा है। इस मामले में भी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के कथित सीमा पार संपर्क और आगे की सप्लाई चेन की जांच कर रही है।