अमरनाथ यात्रा: 5000 से अधिक श्रद्धालुओं का 15वां जत्था जम्मू से रवाना, अब तक 3.25 लाख ने किए दर्शन

अमरनाथ यात्रा: 5000 से अधिक श्रद्धालुओं का 15वां जत्था जम्मू से रवाना, अब तक 3.25 लाख ने किए दर्शन

 

कड़े सुरक्षा घेरे के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं का 15वां जत्था जम्मू से रवाना हुआ। अब तक 3.25 लाख से ज्यादा भक्त कर चुके हैं बाबा बर्फानी के दर्शन।

 

वार्षिक अमरनाथ यात्रा अपने पूरे उफान पर है और देश के कोने-कोने से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। इसी कड़ी में, कड़े सुरक्षा घेरे के बीच 5,000 से अधिक तीर्थयात्रियों का 15वां जत्था गुरुवार तड़के जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से कश्मीर में स्थित दोनों मुख्य बेस कैंपों (बालटाल और पहलगाम) के लिए रवाना हुआ। अब तक 3.25 लाख से अधिक श्रद्धालु इस पावन गुफा में माथा टेक चुके हैं, जो इस यात्रा के प्रति लोगों की अटूट आस्था और उत्साह को दर्शाता है। भारी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के बेहतरीन प्रबंधों के कारण इस वर्ष की यात्रा बेहद सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।

ताजा जत्थे का विवरण और श्रद्धालुओं की संख्या

गुरुवार को रवाना हुए इस नए जत्थे में कुल 5,201 श्रद्धालु शामिल थे, जो बाबा के दर्शन की तीव्र इच्छा लेकर कश्मीर घाटी की ओर बढ़े। विविधता और समावेशिता की मिसाल पेश करते हुए इस जत्थे में 3,970 पुरुष, 1,124 महिलाएं, 5 बच्चे, 92 साधु, 9 साध्वियां और एक ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल थे। इन सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में कुल 251 वाहनों के एक विशाल काफिले के माध्यम से भेजा गया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान इस पूरे काफिले की सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।

बालटाल और पहलगाम रूट के लिए अलग-अलग काफिले

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस काफिले को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित कर रवाना किया गया।

  • बालटाल रूट: बालटाल मार्ग छोटा लेकिन थोड़ा कठिन है। इस रूट के लिए पहला काफिला तड़के 3:00 बजे रवाना हुआ। इसमें 74 वाहनों के माध्यम से कुल 1,745 तीर्थयात्रियों को बालटाल बेस कैंप के लिए भेजा गया।
  • पहलगाम रूट: पहलगाम मार्ग पारंपरिक और थोड़ा लंबा है, जिसे अमूमन अधिकतर श्रद्धालु चुनते हैं। इस रूट के लिए दूसरा काफिला तड़के 3:30 बजे रवाना हुआ, जिसमें 177 वाहनों में 3,456 तीर्थयात्री पहलगाम बेस कैंप के लिए निकले।

दोनों काफिलों की समयबद्ध रवानगी ने यह सुनिश्चित किया कि रास्तों पर ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे।

“बम बम भोले” के जयकारों से गूंजा भगवती नगर बेस कैंप

गुरुवार सुबह जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप का नजारा बेहद अलौकिक और भक्तिमय था। जैसे ही वाहनों का काफिला आगे बढ़ने लगा, पूरा परिसर “बम बम भोले”, “हर हर महादेव” और “जय बर्फानी बाबा की” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था, और उनके चेहरों पर बाबा बर्फानी के दर्शन की खुशी साफ झलक रही थी। यात्रा पर निकलने से ठीक पहले कई तीर्थयात्रियों ने मीडिया से बात करते हुए प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने कहा कि रहने, खाने-पीने और विशेषकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उससे उनका हौसला और अधिक बढ़ गया है।

अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु जम्मू से रवाना

2 जुलाई को औपचारिक रूप से शुरू हुई इस यात्रा के बाद से जम्मू बेस कैंप में लगातार हलचल बनी हुई है। गुरुवार के जत्थे की रवानगी के साथ ही, जम्मू के इस मुख्य बेस कैंप से कश्मीर घाटी के लिए प्रस्थान करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या अब 1,04,488 तक पहुंच गई है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्रियों का जम्मू पहुंचना और वहां से सुचारू रूप से कश्मीर के लिए रवाना होना प्रशासन की बेहतर योजना और क्रियान्वयन का प्रमाण है।

57 दिवसीय पावन यात्रा का समापन

समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दक्षिण कश्मीर की इस पवित्र गुफा की यात्रा हिंदू धर्म में बेहद पवित्र मानी जाती है। इस साल की यह 57 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर छड़ी मुबारक (पवित्र गदा) की पूजा के साथ संपन्न होगी। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

 

 

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